
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग के साथ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बारुईपुर में कैंडल मार्च निकाला। हालांकि, उनके इस कदम पर राज्य सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘रास्ते का ड्रामा’ करार दिया है।
ममता बनर्जी ने निकाला कैंडल मार्च
बारुईपुर में हुई घटना के विरोध में ममता बनर्जी बड़ी संख्या में टीएमसी नेताओं और समर्थकों के साथ कैंडल मार्च में शामिल हुईं। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की और राज्य सरकार से मामले में सख्त कार्रवाई की अपील की।
ममता का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर राजनीति नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
दिलीप घोष का तीखा हमला
ममता बनर्जी के मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दिलीप घोष ने उन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें विपक्ष में बैठने का मौका दिया है और अब वह सिर्फ आंदोलन की राजनीति कर रही हैं।
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी को विकास नहीं, बल्कि सड़क पर आंदोलन करना आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में भी कई रेप और हत्या की घटनाएं हुईं, लेकिन तब वह कभी पीड़ितों के घर नहीं पहुंचीं और न ही सड़कों पर उतरकर विरोध किया।
उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में रहने के दौरान अपराध बढ़ते हैं और विपक्ष में आने के बाद कैंडल मार्च निकालकर राजनीति की जाती है।
क्या है बारुईपुर मामला?
बारुईपुर में रविवार सुबह एक नाबालिग लड़की का शव उसके घर के पास स्थित तालाब से बरामद हुआ था। परिजनों का आरोप है कि लड़की के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया गया।
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। गुस्साए लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान भीड़ की पिटाई में एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
SIT कर रही है जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सियासत हुई तेज
बारुईपुर की इस दर्दनाक घटना ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। एक ओर ममता बनर्जी पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेता उनके विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक कदम बता रहे हैं।
ऐसे में यह मामला कानून-व्यवस्था के साथ-साथ बंगाल की राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। अब सभी की नजर SIT की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।



