Heavy Rain Alert: भारी बारिश से हाहाकार! यूपी और उत्तराखंड में रेड अलर्ट, बिहार-ओडिशा में बाढ़ का खतरा; कई जिलों में स्कूल बंद

Heavy Rain Alert: उत्तराखंड, यूपी, बिहार, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है। कई नदियां उफान पर हैं और बाढ़-भूस्खलन का खतरा बढ़ा है। कई जिलों में स्कूल बंद किए गए।

Heavy Rain Alert: सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में लगातार बारिश के कारण बाढ़, जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं, जबकि प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के पास बना डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसके कमजोर होकर 26 सितंबर की दोपहर तक पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम से जुड़ा लो-प्रेशर एरिया उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ सकता है, जिससे पूर्वी और पश्चिमी यूपी के साथ बिहार में बारिश बढ़ने की संभावना है।

यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में स्कूल बंद

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी यूपी में अगले तीन दिनों के दौरान भारी बारिश हो सकती है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। लखनऊ में 26 सितंबर को कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। कानपुर देहात, अयोध्या और कौशांबी में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों में छुट्टी रहेगी।

मिर्जापुर, बांदा, चित्रकूट और प्रयागराज में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।

उत्तराखंड के पांच जिलों में रेड अलर्ट

उत्तराखंड में 26 सितंबर को मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग ने तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की है।

चमोली में 26 सितंबर को ऑरेंज और 27 सितंबर को येलो अलर्ट है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी के चलते 26 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी और निजी स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। नैनीताल में भी स्कूलों में छुट्टी के आदेश जारी किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में बाढ़ जैसे हालात

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार बारिश से कई नदियां और नदी-नाले उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी भरने और सड़क संपर्क प्रभावित होने की खबर है। जगदलपुर समेत कई क्षेत्रों में घरों में पानी घुस गया है।

दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, गरियाबंद, धमतरी और दुर्ग में स्कूलों में छुट्टी की गई। कोंडागांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक किसान की मौत की भी सूचना है।

धमतरी में लगातार बारिश से जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गंगरेल जलाशय करीब 98 प्रतिशत क्षमता तक भर चुका है, जबकि मुरुमसिल्ली जलाशय पूरी क्षमता तक पहुंच गया है। गंगरेल के कई गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

ओडिशा में 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

ओडिशा में डीप डिप्रेशन के प्रभाव से भारी बारिश हुई है। राज्य के कम से कम 24 स्थानों पर 100 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। नबरंगपुर के तेंतुलीखुंटी में 395 मिमी, नंदाहांडी में 344 मिमी और कोरापुट के बोरिगुमा में 307.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।

भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगह जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बनी है। करीब 10 हजार लोगों को निचले और भूस्खलन संभावित इलाकों से निकालकर राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है।

राहत और बचाव कार्य के लिए ODRAF की 33 टीमें और फायर सर्विस की 300 से अधिक टीमें तैनात हैं।

झारखंड में पेड़ स्कूल बस पर गिरा, बच्चे सुरक्षित

झारखंड में भी लगातार बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ है। रांची के एजी मोड़ इलाके में शुक्रवार सुबह एक बड़ा पेड़ स्कूल बस पर गिर गया। बस में स्कूली बच्चे मौजूद थे, लेकिन सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

खराब मौसम के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दोपहर 2 बजे तक कम से कम पांच उड़ानें रद्द होने की जानकारी सामने आई।

दार्जिलिंग में भूस्खलन, 153 मिमी बारिश

पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। दार्जिलिंग जिले के तकदाह ग्रामीण अस्पताल में शुक्रवार तड़के भूस्खलन हुआ। एक मरीज के रिश्तेदार को मामूली चोट लगी, जबकि मरीजों को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

दार्जिलिंग में 24 घंटे के दौरान 153 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि कालिम्पोंग में 113 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने दोनों जिलों में भूस्खलन की आशंका के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।

बिहार में नदियां खतरे के निशान के ऊपर

नेपाल में लगातार बारिश के बाद बिहार की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे राज्य के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, 25 सितंबर को वीरपुर बैराज पर कोसी नदी का डिस्चार्ज 1.81 लाख क्यूसेक से अधिक था। वहीं वाल्मीकिनगर बैराज पर गंडक का डिस्चार्ज करीब 79,700 क्यूसेक दर्ज किया गया।

सुपौल के वीरपुर में कोसी, खगड़िया के बलतारा में कोसी, मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती और भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया।

सहरसा में बाढ़ की आशंका को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां 15 अक्टूबर तक रद्द कर दी गई हैं। प्रशासन ने सभी विभागों को संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने जारी की सावधानी बरतने की अपील

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों तथा जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। राहत और बचाव टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

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