Sleep Internship: मुंबई की जिनिया चटर्जी ने सोकर जीते 9.6 लाख रुपये, 60 दिन तक चली अनोखी प्रतियोगिता

Sleep Internship: Wakefit की स्लीप इंटर्नशिप में देशभर से मिले 2 लाख से ज्यादा आवेदन, फिनाले में चार प्रतिभागियों के बीच हुआ मुकाबला; विजेता को मिला स्पॉन्सर्ड वेकेशन भी

Sleep Internship: आमतौर पर लोग नौकरी या इंटर्नशिप में काम करके पैसे कमाते हैं, लेकिन मुंबई की जिनिया चटर्जी ने एक अनोखे तरीके से लाखों रुपये का इनाम जीत लिया। उन्होंने Wakefit की 60 दिनों तक चली स्लीप इंटर्नशिप प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 9.6 लाख रुपये की इनामी राशि के साथ कंपनी की ओर से स्पॉन्सर्ड वेकेशन भी मिला।

इस प्रतियोगिता की खास बात यह थी कि इसमें प्रतिभागियों को अपनी नींद की गुणवत्ता सुधारने, नियमित दिनचर्या अपनाने और अलग-अलग मजेदार टास्क पूरे करने होते थे। कंपनी ने प्रतिभागियों की नींद को ट्रैक किया और उनके प्रदर्शन के आधार पर स्कोर तैयार किए। इस प्रतियोगिता के लिए देशभर से 2 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे, लेकिन शुरुआती स्क्रीनिंग के बाद केवल 10 लोगों को चुना गया।

कौन हैं जिनिया चटर्जी, जिन्होंने जीता स्लीप चैंपियन का खिताब?

मुंबई की रहने वाली जिनिया चटर्जी ने Wakefit की पांचवीं स्लीप इंटर्नशिप में अपनी नींद और प्रदर्शन के आधार पर बाकी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ दिया। 60 दिनों तक चले इस कार्यक्रम में उन्होंने नियमित नींद की आदतों और दिए गए टास्क पर ध्यान दिया।

प्रतियोगिता के अंत में उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया और उन्हें विजेता घोषित किया गया। इनाम के तौर पर जिनिया को 9.6 लाख रुपये और छुट्टियां बिताने के लिए स्पॉन्सर्ड वेकेशन मिला।

ग्रैंड फिनाले में चार प्रतिभागियों के बीच हुआ मुकाबला

स्लीप इंटर्नशिप के 60 दिन पूरे होने के बाद तीन प्रतिभागियों ने शीर्ष स्थानों पर जगह बनाई। इनमें रत्नागिरी के मणिकंदन, मुंबई की जिनिया चटर्जी और मेहेक खोत शामिल थीं। वहीं, हैदराबाद के करीम खान को वाइल्ड कार्ड एंट्री के जरिए फिनाले में पहुंचने का मौका मिला।

इस तरह ग्रैंड फिनाले में चार प्रतिभागियों के बीच मुकाबला हुआ। अंतिम चरण में उनकी नींद से जुड़ी आदतों के साथ कई मनोरंजक गतिविधियों में प्रदर्शन भी परखा गया।

मेमोरी फोम चैलेंज में दिखानी पड़ी क्रिएटिविटी

फिनाले के दौरान प्रतिभागियों के लिए कई दिलचस्प टास्क रखे गए थे। इनमें सबसे खास ‘मेमोरी फोम चैलेंज’ था। इस चुनौती में प्रतिभागियों को एक तस्वीर दिखाई गई और उसी के आधार पर वैसा ही बेडरूम तैयार करना था।

इसके बाद ‘स्लीप ऑक्शन’ आयोजित हुआ। इसमें प्रतिभागियों को तकिए, कंबल, एसी, कमरे की लाइटिंग और साउंड जैसी सुविधाओं के लिए बोली लगानी थी। इन गतिविधियों के बाद प्रतिभागियों के स्लीप स्कोर का मूल्यांकन किया गया। इसी प्रक्रिया के आधार पर जिनिया चटर्जी को विजेता चुना गया।

सिर्फ बिस्तर पर सोना नहीं था इंटर्नशिप का काम

Wakefit की यह प्रतियोगिता सामान्य इंटर्नशिप से काफी अलग थी। इसमें प्रतिभागियों को केवल सोना या आराम करना नहीं था, बल्कि हर सप्ताह कुछ क्रिएटिव चैलेंज भी पूरे करने पड़ते थे।

प्रतियोगिता में शामिल कुछ प्रमुख टास्क इस प्रकार थे:

  • स्लीप सिनेमा: इसमें प्रतिभागियों को मशहूर फिल्मों के दृश्यों को नींद से जोड़कर दोबारा प्रस्तुत करना होता था।
  • स्लीप बिंगो: इस गतिविधि में अपनी सोने की आदतों का आकलन करना और उनसे जुड़े लक्ष्य पूरे करना शामिल था।
  • अंडरकवर स्लीप मिशन: इसमें सामान्य बातचीत के दौरान ‘ब्लैंकेट’ या ‘पिलो’ जैसे शब्दों का 10 बार इस्तेमाल करना था, ताकि सामने वाले को इस चुनौती का अंदाजा न लगे।
  • प्रो स्लीपर ऑफ द वीक: हर सप्ताह बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी को यह खिताब दिया जाता था।

इन गतिविधियों के जरिए प्रतियोगिता को मनोरंजक बनाने के साथ प्रतिभागियों को अपनी नींद की आदतों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।

2019 में शुरू हुई थी Wakefit की स्लीप इंटर्नशिप

Wakefit ने इस अनोखे कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2019 में की थी। कंपनी के मुताबिक, शुरुआती चार सीजन में इस प्रतियोगिता के लिए 10 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। इन सीजन के दौरान कुल 65 इंटर्न को एक-एक लाख रुपये का स्टाइपेंड दिया गया।

पांचवें सीजन में प्रतियोगिता का स्वरूप और इनामी राशि चर्चा का विषय बन गई। इस बार विजेता को 9.6 लाख रुपये दिए गए। कंपनी ने अगले यानी छठे सीजन के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया है।

अच्छी नींद की आदतों को बढ़ावा देना है उद्देश्य

Wakefit की स्लीप इंटर्नशिप का मकसद लोगों को पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद के महत्व के प्रति जागरूक करना है। आज की व्यस्त दिनचर्या में देर रात तक जागना, अनियमित समय पर सोना और पर्याप्त आराम नहीं मिलना आम समस्या बन गई है।

ऐसे में कंपनी ने मनोरंजक प्रतियोगिता के जरिए लोगों को नियमित नींद की आदत अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की है। जिनिया चटर्जी की जीत ने इस अनोखी इंटर्नशिप को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

written by Siddhi Srivastava

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