Politics : 15 साल बाद राहुल गांधी के आवास पर दिवाली मिलन, छठ के बाद कांग्रेस की बड़ी बैठक की तैयारी

Politics : राहुल गांधी के आवास पर 15 साल बाद दिवाली मिलन समारोह हुआ। 25-26 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम और नवंबर अंत में राहुल का मणिपुर दौरा प्रस्तावित।

Politics : कांग्रेस ने आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर शुक्रवार को 15 साल बाद दिवाली मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। हालांकि, इस आयोजन को केवल त्योहार की शुभकामनाओं तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसके जरिए पार्टी ने आने वाले दिनों के राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी नेताओं को सक्रिय रहने का संदेश दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को 25 और 26 नवंबर को दिल्ली में रहने के लिए कहा गया है। संविधान दिवस के अवसर पर इन तारीखों में पार्टी बड़े कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। इसके अलावा नवंबर के आखिरी सप्ताह में राहुल गांधी के मणिपुर दौरे की भी योजना है। ऐसे में छठ के बाद कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

15 साल बाद फिर शुरू हुआ दिवाली मिलन का सिलसिला

राहुल गांधी के आवास पर दिवाली मिलन समारोह का आयोजन करीब 15 साल बाद हुआ। वर्ष 2004 से 2010 के बीच राहुल गांधी दिवाली पर शुभकामनाएं देने आने वाले नेताओं से मुलाकात करते थे। लेकिन 2011 के बाद यह सिलसिला बंद हो गया था।

शुक्रवार को दिल्ली स्थित उनके आवास 5, सुनहरी बाग रोड पर शाम करीब 5:30 बजे से रात 8 बजे तक दिवाली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, महासचिवों और अन्य पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इस आयोजन को कांग्रेस के भीतर आपसी संवाद बढ़ाने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए नेताओं को एकजुट करने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है।

25-26 नवंबर को दिल्ली में जुटेंगे कांग्रेस नेता

कांग्रेस अब संविधान दिवस के मौके पर 25 और 26 नवंबर को बड़े कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। दिवाली मिलन के दौरान पार्टी नेताओं को इन दोनों तारीखों पर दिल्ली में उपलब्ध रहने का संदेश दिया गया।

हालांकि, कार्यक्रम का विस्तृत स्वरूप और आधिकारिक एजेंडा सामने आना बाकी है, लेकिन पार्टी की तैयारियों को महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना अभियान तेज कर सकती है।

महीने के अंत में मणिपुर जाएंगे राहुल गांधी

कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति में मणिपुर भी प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी नवंबर के आखिरी दिनों में मणिपुर का दौरा कर सकते हैं। राज्य में लंबे समय से जारी तनाव और खराब हालात को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठाती रही है।

पार्टी मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घेरती रही है। ऐसे में राहुल गांधी का प्रस्तावित दौरा केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

वोट चोरी के मुद्दे पर भी कांग्रेस का हमला जारी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को उठा रहे हैं। पार्टी इस मामले में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही है।

दिवाली मिलन कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कई फैसले गैरकानूनी और असंवैधानिक रहे हैं। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी कई बार इस संबंध में सबूत पेश कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जवाबदेही तय नहीं हो रही है।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को मिली कानूनी सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि आखिर एक व्यक्ति को इस तरह की सुरक्षा क्यों प्राप्त है।

कुल मिलाकर, दिवाली मिलन के बाद कांग्रेस की नजर अब 25-26 नवंबर के दिल्ली कार्यक्रम और राहुल गांधी के संभावित मणिपुर दौरे पर है। संविधान दिवस, चुनाव प्रक्रिया और मणिपुर के हालात को लेकर पार्टी आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान और तेज कर सकती है।

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