
noida bus accident: ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर गुरुवार सुबह एक भीषण हादसा हो गया। दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें से कई गहरी नींद में थे। इस दर्दनाक घटना में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
कुछ ही मिनटों में मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे से पहले बस के अंदर अचानक धुआं फैलना शुरू हुआ। शुरुआत में यात्रियों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन देखते ही देखते धुआं पूरे वाहन में भर गया। इसके बाद यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए बस से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे।
एक यात्री ने बताया कि वह सो रहा था, तभी किसी ने जोर-जोर से आवाज लगाकर सभी को जगाया। जब उसकी आंख खुली तो बस के अंदर धुआं ही धुआं था। सांस लेना मुश्किल हो रहा था और बाहर निकलने के लिए यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी।
महिला यात्री ने सुनाई खौफनाक आपबीती
हादसे में बची एक महिला यात्री ने बताया कि वह गहरी नींद में थीं। अचानक दरवाजा खटखटाने और लोगों की चीखें सुनकर उनकी नींद खुली। उन्होंने देखा कि बस के अंदर धुआं भर चुका था और लोग घबराकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।
महिला के अनुसार उन्हें अपना सामान तक उठाने का मौका नहीं मिला। वह केवल अपना मोबाइल लेकर बाहर भागीं। उन्होंने बताया कि बाहर निकलने के दौरान धक्का-मुक्की इतनी ज्यादा थी कि कई लोग गिर पड़े थे। बस से बाहर आने के बाद भी चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था और लोग अपने परिजनों को तलाश रहे थे।
कई यात्रियों का सामान जलकर राख
आग इतनी तेजी से फैली कि अधिकांश यात्री अपना सामान बस में ही छोड़ने को मजबूर हो गए। यात्रियों के बैग, कपड़े, मोबाइल और अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गए। कई लोगों ने बताया कि जान बचाना उस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता थी, इसलिए किसी को सामान निकालने का मौका नहीं मिला।
बस में 50 के आसपास यात्री थे सवार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। बस दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई थी।
राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं राहत और बचाव दल ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हादसे के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह की आशंका को देखते हुए जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। वहीं प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन इंतजामों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर गया है।
written by Siddhi Srivastava



