
Jhalar Curtain Made from Old Bangles: सावन या किसी त्योहार के मौके पर खरीदी गई रंग-बिरंगी चूड़ियां अक्सर एक-दो बार पहनने के बाद अलमारी में रखी रह जाती हैं। खासकर हरी चूड़ियों का इस्तेमाल सावन में खूब किया जाता है, लेकिन त्योहार खत्म होने के बाद इनके दोबारा इस्तेमाल का ध्यान कम ही लोगों को आता है। अगर आपके पास भी ऐसी पुरानी चूड़ियां रखी हैं तो उन्हें फेंकने की जरूरत नहीं है। थोड़ी सी क्रिएटिविटी से इन्हीं चूड़ियों की मदद से घर के लिए बेहद खूबसूरत और पारंपरिक झालर वाला पर्दा तैयार किया जा सकता है।

इस DIY आइडिया की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुरानी चूड़ियों के साथ ऊन, मोतियों और धागे जैसी आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल करके दरवाजे, बालकनी या हॉल के एंट्री गेट के लिए आकर्षक डोर हैंगिंग बनाई जा सकती है। यह घर को नया लुक देने के साथ-साथ पुराने सामान को दोबारा इस्तेमाल करने का अच्छा तरीका भी है।
इसे बनाने के लिए सबसे पहले पुरानी कांच या प्लास्टिक की चूड़ियां इकट्ठा कर लें। इसके अलावा पीले, हरे और काले रंग का ऊन, सुनहरे और सफेद मोती, मजबूत काला धागा या डोरी, कैंची और हॉट ग्लू गन की जरूरत होगी। झालर को टांगने के लिए एक पर्दा रॉड या मजबूत पाइप भी रख लें।

सबसे पहले चूड़ियों को ऊन से कवर करना होगा। एक चूड़ी लें और उसके चारों तरफ ऊन को कसकर लपेटना शुरू करें। एक चूड़ी पर पीले रंग का ऊन और दूसरी पर हरे रंग का ऊन लपेट सकते हैं। ऊन को चूड़ी पर अच्छी तरह से सेट करने के बाद उसके आखिरी सिरे को हॉट ग्लू की मदद से चिपका दें। इसी तरह अलग-अलग रंगों में कई सारी रिंग्स तैयार कर लें। कोशिश करें कि सभी चूड़ियों पर ऊन एक समान तरीके से लिपटा हो, ताकि तैयार पर्दे का लुक साफ-सुथरा दिखाई दे।

इसके बाद मोतियों की लड़ियां तैयार करनी होंगी। इसके लिए मजबूत काले धागे का एक लंबा टुकड़ा लें। धागे के एक सिरे को ऊन से ढकी हुई रिंग से मजबूती से जोड़ दें। अब इसमें 4 से 5 सुनहरे मोती पिरोएं, फिर एक सफेद मोती लगाएं और उसके बाद दोबारा 4 से 5 सुनहरे मोती पिरोएं। इसी पैटर्न को दोहराते हुए अगली रिंग को धागे से जोड़ें। इस तरह एक लंबी सजावटी लड़ी तैयार हो जाएगी।

पर्दे को और ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए इसके निचले हिस्से में ऊन के रंग-बिरंगे लटकन लगाए जा सकते हैं। टैसेल बनाने के लिए पीले और हरे रंग के ऊन को अपनी उंगलियों या किसी गत्ते के टुकड़े पर करीब 20 से 30 बार लपेटें। ऊन के एक हिस्से को धागे से बांध दें और दूसरे हिस्से को कैंची से काट दें। इसके बाद ऊपर की तरफ दोबारा धागा बांधकर इसे लटकन का आकार दें। इसी तरह कई सारे पीले और हरे रंग के टैसेल्स तैयार कर लें।

अब इन लटकनों को तैयार की गई मोतियों वाली लड़ियों के निचले हिस्से में जोड़ दें। पीली लड़ी के नीचे हरे रंग का लटकन और हरी लड़ी के नीचे पीले रंग का लटकन लगाने से रंगों का कॉम्बिनेशन ज्यादा खूबसूरत दिखाई देगा। लटकनों को धागे या हॉट ग्लू की मदद से अच्छी तरह मजबूत कर दें, ताकि पर्दा टांगते समय वे अलग न हों।
जब करीब 8 से 10 ऐसी लड़ियां तैयार हो जाएं तो एक काली पाइप या पर्दा रॉड लें। सभी लड़ियों की ऊपरी रिंग को रॉड में एक-एक करके लगा दें। लड़ियों के बीच थोड़ी दूरी रखने से पर्दे का डिजाइन ज्यादा खुला और आकर्षक दिखाई देगा। अब इसे घर के दरवाजे, हॉल की एंट्री, बालकनी या किसी दूसरे हिस्से में टांगा जा सकता है।

हरी और पीली चूड़ियों का यह कॉम्बिनेशन खासतौर पर सावन और त्योहारों के दौरान घर को पारंपरिक लुक देने के लिए काफी अच्छा लगेगा। वहीं, अगर आप चाहें तो अपने घर के इंटीरियर के हिसाब से ऊन और मोतियों के रंग भी बदल सकते हैं। लाल-सुनहरा, गुलाबी-सफेद या नीला-सफेद कॉम्बिनेशन भी इस तरह की झालर में अच्छा लग सकता है।
पुरानी चूड़ियों से बना यह पर्दा न सिर्फ कम बजट में घर को सजाने का तरीका है, बल्कि बेकार पड़े सामान को उपयोगी बनाने का क्रिएटिव आइडिया भी है। थोड़े समय और मेहनत से तैयार यह हैंडमेड डोर हैंगिंग घर के इंटीरियर को अलग पहचान दे सकती है। खास बात यह है कि इसके लिए बाजार से महंगे डेकोरेशन आइटम खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।



