
New Delhi-केन्या की राजधानी नैरोबी में आयोजित ‘चौथे एफ्रो वर्ल्ड एग्री-फूड कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन एंड अवार्ड्स 2026’ का तीन दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सम्मेलन में भारत, अफ्रीका और अन्य ग्लोबल साउथ देशों के बीच कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निवेश और आधुनिक कृषि तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई।
उद्घाटन समारोह में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर सुशील प्रसाद ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारत खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि, जलवायु-अनुकूल खेती और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के क्षेत्र में अपने अनुभव को अन्य विकासशील देशों के साथ साझा कर रहा है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और नवाचार को भविष्य की जरूरत बताते हुए साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया।
सम्मेलन की खास बात यह रही कि कुल 1,200 विदेशी प्रतिनिधियों में से 650 प्रतिनिधि भारत से पहुंचे। इतनी बड़ी भागीदारी भारत और केन्या के बीच कृषि, फूड प्रोसेसिंग, तकनीकी सहयोग और निवेश के लगातार मजबूत होते संबंधों का संकेत मानी जा रही है।
केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारत और केन्या की साझेदारी कृषि से आगे बढ़कर नवाचार, तकनीक और सतत विकास तक पहुंच चुकी है। उच्चायोग के अनुसार, भारतीय उद्यमियों की सक्रिय भूमिका केन्या में आधुनिक तकनीक और निवेश को बढ़ावा देने में अहम योगदान दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ग्लोबल साउथ के देशों के बीच व्यापार, तकनीकी आदान-प्रदान और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य की साझा विकास रणनीति तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत और केन्या के बीच बढ़ता सहयोग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



