
Cockroach Janta Party: NEET पेपर लीक आंदोलन के बाद चर्चा में आई Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी संस्था फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने या राजनीतिक दल बनने की कोई योजना नहीं बना रही है। दिपके ने कहा कि देश को इस समय एक नई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि ऐसा जनदबाव समूह (Public Pressure Group) चाहिए जो लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित कर सके।
चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर क्या बोले?
अभिजीत दिपके ने दावा किया कि देश में न्यायपालिका, चुनाव आयोग, मीडिया और राजनीतिक दलों जैसी प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा लगातार कम होता जा रहा है। उनके मुताबिक इन संस्थाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही को लेकर जनता के बीच सवाल बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करने की जरूरत है। यह दिपके का दावा है और संबंधित संस्थाओं ने इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राजनीतिक पार्टी नहीं, बनेगा प्रेशर ग्रुप
दिपके ने कहा कि CJP का उद्देश्य फिलहाल चुनाव लड़ना नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन देशभर में एक जनआंदोलन के रूप में काम करेगा और सरकारों व संस्थाओं पर जनहित के मुद्दों पर दबाव बनाएगा। उनके अनुसार, मौजूदा समय में लोगों की आवाज़ को मजबूत करने के लिए एक प्रभावी प्रेशर ग्रुप की अधिक आवश्यकता है।
झारखंड के छात्रों को समर्थन
अभिजीत दिपके ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि CJP का प्रतिनिधिमंडल रांची जाएगा और आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों के साथ खड़ा रहेगा। साथ ही उन्होंने हालिया छात्र आंदोलनों में दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की।
किन मुद्दों पर चलेगा आंदोलन?
दिपके ने कहा कि CJP आने वाले समय में बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली में सुधार, लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही, मीडिया की स्वतंत्रता और इथेनॉल मिश्रित ईंधन (E-20) जैसे मुद्दों पर भी अभियान चलाएगा। उन्होंने बताया कि संगठन की कोर कमेटी इन विषयों पर आगे की रणनीति तैयार कर रही है।
क्या है CJP की आगे की रणनीति?
दिपके के अनुसार, जंतर-मंतर आंदोलन के बाद संगठन को देशभर से व्यापक समर्थन मिला है। इसी वजह से CJP अब अपने संगठन का विस्तार करने, युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जवाबदेही की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। हालांकि उन्होंने दोहराया कि फिलहाल चुनाव लड़ने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।



