
Bihar Politics: पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। छात्र आंदोलन और बिहार बंद के दौरान कथित उपद्रव के आरोप में गिरफ्तार किए गए तेज प्रताप यादव को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है।
तेजस्वी यादव ने सरकार को दी चेतावनी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाई की गिरफ्तारी और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकार और बेहतर भविष्य के लिए आंदोलन किया है, जिसका विपक्ष ने समर्थन किया।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में बड़ी संख्या में छात्रों और आंदोलनकारियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले दिन तक सभी लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो विपक्ष राज्यभर में बड़ा आंदोलन करेगा।
प्रशांत किशोर ने भी उठाए सवाल
‘जन सुराज’ के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तेज प्रताप यादव ने हाल ही में उन्हें अपना समर्थन देने की घोषणा की थी और उसके कुछ घंटों बाद ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि तेज प्रताप यादव को किन धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया और कार्रवाई का आधार क्या था। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई सरकार की घबराहट को दर्शाती है।
क्यों हुई गिरफ्तारी?
पुलिस के अनुसार, छात्र आंदोलन और बिहार बंद के दौरान हुई कथित हिंसा एवं उपद्रव के मामले में तेज प्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई की गई। शनिवार शाम पटना के एक मॉल से उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके बाद देर रात अदालत में पेश किए जाने पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और विपक्ष की प्रस्तावित रणनीति पर टिकी हुई है।



