
International News: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों के बीच भारत ने पाकिस्तान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान फर्जी खबरों और भ्रामक प्रचार के जरिए अपनी नाकामियों और मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह PoK में हो रही घटनाओं पर ध्यान दे और पाकिस्तान को उसके कथित अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराए।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पाकिस्तान लगातार झूठी खबरें और वीडियो फैलाकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से पुलिस और सुरक्षा बलों की कथित बर्बरता की खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें कई लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की जानकारी मिल रही है।
रणधीर जायसवाल ने दोहराया कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और PoK में रहने वाले लोगों की आवाज को दबाने की कोशिशें ज्यादा समय तक सफल नहीं हो सकतीं।
PoK में क्यों भड़का विरोध?
जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 9 जून को लॉन्ग मार्च और बंद का आह्वान किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की खबरें सामने आईं।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़कों को जाम किया, जबकि सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। आरोप है कि इस दौरान फायरिंग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
27 लोगों की मौत का दावा
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी का दावा है कि हिंसा और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 27 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। संगठन के अनुसार 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय स्रोतों से सामने आ रही तस्वीरों ने पूरे क्षेत्र में बढ़ते तनाव की ओर संकेत किया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत की अपील
भारत ने कहा है कि PoK में जो कुछ हो रहा है, उस पर पूरी दुनिया की नजर है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग जैसे मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भारत ने उम्मीद जताई है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कथित कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
क्या PoK में बढ़ रहा है जनाक्रोश?
विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में लगातार बढ़ रहे विरोध प्रदर्शन स्थानीय लोगों की नाराजगी को दर्शाते हैं। आर्थिक समस्याएं, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय मुद्दों को लेकर असंतोष लंबे समय से मौजूद रहा है। हालिया घटनाओं ने इस असंतोष को और अधिक उभार दिया है।
फिलहाल PoK की स्थिति पर भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, यह पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर काफी हद तक निर्भर करेगा।
Written By: Ekta Verma



