
West Bengal Politics News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। विधानसभा चुनाव में झटका लगने के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कई सांसदों के बागी तेवरों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा सुनियोजित तरीके से TMC को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली बुलाया था। हालांकि इस दावे को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक पक्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
बागी सांसदों को बताया ‘गद्दार’
कल्याण बनर्जी ने पार्टी के खिलाफ आवाज उठाने वाले सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “गद्दार” करार दिया। उन्होंने कहा कि जो सांसद भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं, वे अब ममता बनर्जी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान चुके हैं।
उन्होंने दावा किया कि कुछ सांसद भाजपा नेताओं के साथ बैठकों में शामिल हुए, जिससे साफ संकेत मिलता है कि वे पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। कल्याण बनर्जी ने सभी बागी सांसदों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जाकर जनता और टीएमसी कार्यकर्ताओं का सामना करने की चुनौती भी दी।
काकोली घोष के दावे से बढ़ा विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब बागी सांसद काकोली घोष ने दावा किया कि करीब 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। इस बयान के बाद टीएमसी के भीतर राजनीतिक भूचाल आ गया।
कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने सभी पदों से इस्तीफा देने की बात कही थी तो फिर वह पार्टी की चीफ व्हिप कैसे बनी रहीं। उन्होंने इसे पार्टी विरोधी गतिविधियों का हिस्सा बताया।
West Bengal Politics News: बंगाल में “कमल” यूँ ही नहीं खिला, भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुकाई बड़ी कीमत
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
कल्याण बनर्जी ने कहा कि भाजपा के पास केंद्र सरकार की ताकत, केंद्रीय एजेंसियां और संसाधन हैं, लेकिन उनके साथ “मां, माटी और मानुष” की शक्ति है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी कार्यकर्ता और बंगाल की जनता पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व के इशारे पर टीएमसी के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
टीएमसी के भीतर बढ़ती नाराजगी और बागी तेवरों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटता है और बागी सांसदों का अगला कदम क्या होता है। फिलहाल, ममता बनर्जी की पार्टी के सामने संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।



