
Prayagraj News:इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चिकित्सा विज्ञान के राजकीय संस्थान में आउटसोर्स पर कार्यरत टेक्नीशियन की याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की एकलपीठ ने फजल अहमद एवं 32 अन्य कर्मचारियों द्वारा दायर रिट याचिका पर कहा कि फिलहाल याचिकाकर्ताओं की सेवाओं पर कोई संकट नहीं है।
संस्थान के निदेशक ने 11 मई 2026 को जिलाधिकारी को एक पत्र भेजकर टेक्नीशियन संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति से अवगत कराया था और कुछ दिशा-निर्देश मांगे थे। याचियों के अधिवक्ता अभिषेक कुमार कुशवाहा व नितिन चंद्रा ने तर्क दिया कि नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से मौजूदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी।
कोर्ट ने पाया कि टेक्नीशियन संवर्ग के 136 स्वीकृत पदों में से केवल 50 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है, जबकि 80 कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्यरत हैं। स्वयं निदेशक ने स्पष्ट किया है कि नियमित भर्ती से आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। इसलिए याचिका दाखिल करने का कोई कारण नहीं बनता।
हालांकि कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कर्मचारियों को यह स्वतंत्रता दी है कि यदि भविष्य में उनके हित के विरुद्ध कोई कार्रवाई होती है, तो वे पुनः न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
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