
Bengal Politics : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। इसी बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के लोकसभा में वापसी करने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ममता बनर्जी जल्द ही लोकसभा का चुनाव लड़ सकती हैं और इसके लिए बहरामपुर सीट को संभावित विकल्प माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, TMC सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर युसुफ पठान से बहरामपुर लोकसभा सीट खाली करने को कहा जा सकता है। युसुफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को लगभग 85 हजार वोटों से हराकर यह सीट जीती थी।
लोकसभा में मजबूत पकड़ बनाएंगी
ममता बनर्जी का संसदीय राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वह कोलकाता दक्षिण सीट से कई बार सांसद चुनी जा चुकी हैं। 2011 में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति का रुख किया था। अब माना जा रहा है कि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और लोकसभा में संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने के लिए वह फिर से संसद में प्रवेश कर सकती हैं।
दरअसल, TMC इन दिनों दोहरी चुनौती का सामना कर रही है। एक ओर विधानसभा में बगावत की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर कई सांसदों द्वारा पार्टी नेतृत्व और कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार, सुखेंदु शेखर रॉय और शांतनु सेन जैसे नेताओं की नाराजगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
मबजूत रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ममता बनर्जी लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं तो यह केवल संसदीय राजनीति में वापसी नहीं होगी, बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करने और संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति भी साबित हो सकती है।



