
Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी गतिरोध शुक्रवार (24 जुलाई) को भी खत्म नहीं हो सका। लगातार पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पाई। आखिरकार सदन की कार्यवाही सोमवार (27 जुलाई 2026) तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन में चर्चा करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन लगातार व्यवधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अच्छा संदेश नहीं देता।
‘आज पांचवां दिन है, सार्थक बहस क्यों नहीं हो सकती?’
लोकसभा में बोलते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार शुरू से ही NEET विवाद पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि सुबह भी विपक्षी नेताओं से बातचीत की गई थी। रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को भरोसा दिला चुके हैं और सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। ऐसे में अब संसद में गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने विपक्ष से कहा, “आज पांचवां दिन है। हम सार्थक बहस क्यों नहीं कर सकते? अगर हर बार बहाना बनाकर चर्चा टाली जाएगी तो देश में अच्छा संदेश नहीं जाएगा।”
पेपर लीक पर सख्त कानून लाने की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नया और कड़ा कानून लाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कैबिनेट बैठक में फैसला लिया जाएगा। सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
राहुल गांधी से भी की अपील
रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि वे अपने पार्टी सांसदों को चर्चा में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सभी दलों के सांसदों को सदन में अपनी राय रखने का अवसर मिलना चाहिए और मुद्दे का समाधान बहस के जरिए ही निकलेगा।
जगदंबिका पाल बोले- सरकार चर्चा के लिए तैयार
सदन की कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने भी विपक्ष से शांतिपूर्ण चर्चा में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट, सख्त कानून और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मामले में अब तक 13 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
पाल ने विपक्ष से कहा कि यदि वे NEET मुद्दे पर नियमों के तहत चर्चा चाहते हैं तो औपचारिक प्रस्ताव दें, सरकार उस पर विचार करने के लिए तैयार है।
हंगामे के बीच सोमवार तक स्थगित हुई लोकसभा
सरकार की ओर से चर्चा की अपील के बावजूद विपक्ष का विरोध और नारेबाजी जारी रही। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी और अंततः लोकसभा को सोमवार, 27 जुलाई 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया।



