
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है।
अन्नामलाई को तमिलनाडु में बीजेपी का सबसे मजबूत और आक्रामक चेहरा माना जाता रहा है। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
दिल्ली दौरे के बाद लिया फैसला
सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई ने इस्तीफा देने से पहले दिल्ली जाकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी। इस दौरान उनकी मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं से हुई।
बताया जा रहा है कि इन बैठकों में संगठन और भविष्य की राजनीति को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। हालांकि उनकी विदाई किसी विवाद या सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय सम्मानजनक तरीके से हुई है।
कई महीनों से दिख रहे थे मतभेद
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से अन्नामलाई और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेदों के संकेत लगातार सामने आ रहे थे।
सबसे पहला संकेत तब मिला जब विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अन्नामलाई की जगह नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।
इसके अलावा अन्नामलाई ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा। वहीं CBSE की तीन-भाषा नीति को लेकर भी उन्होंने अलग राय रखी थी और इसके लागू होने की समयसीमा पर सवाल उठाए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि AIADMK के साथ बीजेपी के गठबंधन को लेकर भी उनकी कुछ असहमति थी। हालांकि बाद में उन्होंने NDA गठबंधन के समर्थन में प्रचार किया।
IPS अधिकारी से बड़े राजनीतिक चेहरे तक का सफर
अन्नामलाई ने अगस्त 2020 में बीजेपी जॉइन की थी। इससे पहले वे कर्नाटक कैडर के चर्चित IPS अधिकारी रहे थे।
राजनीति में आने के बाद उनका ग्राफ काफी तेजी से ऊपर गया। पार्टी में शामिल होने के कुछ ही समय बाद उन्हें तमिलनाडु बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया गया और फिर 2021 में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का अभियान चलाया और राज्यभर में “एन मन्न, एन मक्कल” यात्रा निकालकर जनता से सीधा संवाद स्थापित किया।
चुनावी मैदान में क्या रहा प्रदर्शन?
अन्नामलाई ने 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अरवाकुरिची सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके।
इसके बाद 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने कोयंबटूर सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वे तमिलनाडु में बीजेपी के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते रहे।
आगे क्या करेंगे अन्नामलाई?
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि बीजेपी छोड़ने के बाद अन्नामलाई का अगला कदम क्या होगा?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे जल्द ही अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति का ऐलान कर सकते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में नई पार्टी बनाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि अभी तक अन्नामलाई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बीजेपी और तमिलनाडु की राजनीति पर क्या होगा असर?
तमिलनाडु में बीजेपी पिछले कुछ वर्षों से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में अन्नामलाई जैसे बड़े चेहरे का पार्टी से अलग होना संगठन के लिए चुनौती बन सकता है।
वहीं दूसरी ओर, अगर अन्नामलाई कोई नया राजनीतिक मोर्चा खोलते हैं तो इसका असर 2026 के बाद तमिलनाडु की राजनीति में देखने को मिल सकता है।
फिलहाल राज्य की राजनीति में इस इस्तीफे को बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है और सभी की नजरें अन्नामलाई के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
Written By: Ekta Verma



