CJP Protest: ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे तो बातचीत बेकार’, सरकार से तीसरे दौर की बैठक से पहले CJP का अल्टीमेटम

CJP Protest: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के सामने अपना रुख और सख्त कर दिया है। सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत से पहले संगठन ने साफ कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी सबसे बड़ी और गैर-समझौतावादी मांग है।

CJP ने रखी साफ शर्त

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि अगर सरकार धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए तैयार नहीं है तो आगे की बातचीत का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि मंत्री का इस्तीफा “नॉन-नेगोशिएबल” है।

संगठन का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय किए बिना छात्रों को न्याय नहीं मिल सकता।

सरकार और CJP के बीच क्या हुई बातचीत?

शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधियों के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की। दोनों पक्षों के बीच कई मांगों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद सरकार ने कुछ मांगों पर विचार करने के लिए समय मांगा। इसके बाद शनिवार को तीसरे दौर की बातचीत तय की गई।

CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं?

CJP लगातार तीन प्रमुख मांगें उठा रही है।

  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
  • प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो।
  • कथित पेपर लीक विवाद से जुड़े छात्र आत्महत्या मामलों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए।

संगठन पहले भी कह चुका है कि वह इन मांगों से पीछे नहीं हटेगा।

आंदोलन पर बनी हुई है नजर

NEET विवाद को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब कई राज्यों तक फैल चुका है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर मुंबई, पुणे और बेंगलुरु तक छात्रों ने प्रदर्शन किए हैं।

सोनम वांगचुक के अनशन और संसद मार्च के बाद यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

अब क्या होगा?

अब सबकी नजर सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली बैठक पर है। यदि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई सहमति नहीं बनती है तो गतिरोध और बढ़ सकता है।

फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में तीसरे दौर की वार्ता आंदोलन की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।

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