
Lalganj Pratapgarh: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री प्रमोद तिवारी ने उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार शुल्क) के नाम पर की जा रही वसूली पर सरकार से जवाबदेही तय करने और तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) द्वारा जून 2026 में प्रदेश के करीब 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज वसूले जाने के पावर कॉरपोरेशन के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आयोग ने इस आदेश को नियामकीय प्रावधानों के विपरीत बताते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि आयोग की इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि पावर कॉरपोरेशन ने फ्यूल सरचार्ज के माध्यम से उपभोक्ताओं से लगभग 1,610 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली खरीद लागत के साथ-साथ करीब 1,400 करोड़ रुपये के पुराने बकाये, ग्रामीण क्षेत्रों और पूर्व अवधि की देनदारियों को भी जोड़ दिया गया, जो नियमों और नियामकीय व्यवस्था के विपरीत है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष पहले से ही फ्यूल सरचार्ज के नाम पर अतिरिक्त बिजली बिल वसूले जाने का विरोध करता रहा है। अब विद्युत नियामक आयोग द्वारा भी इसे नियमों और दिशा-निर्देशों के विपरीत बताया जाना इस बात का प्रमाण है कि यह आदेश पूरी तरह से नियामकीय प्रावधानों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि आयोग ने बिजली खरीद की मान्य लागत 4.94 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की है, जबकि पावर कॉरपोरेशन 5.86 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद दिखा रहा है। इसके कारण उपभोक्ताओं पर लगभग 92 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार डाला जा रहा है, जो जनभावनाओं और नियमों दोनों के विपरीत है।
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प्रमोद तिवारी ने सरकार से मांग की कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा नियमों के विरुद्ध मानी गई इस वसूली को केवल स्थगित न किया जाए, बल्कि पूरी तरह से समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़कर बिजली बिलों में हो रही अवैध वसूली पर तत्काल सख्त कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के कारण बिजली की मांग कम हुई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को नॉर्दर्न ग्रिड अथवा अन्य सरप्लस क्षेत्रों से पर्याप्त बिजली खरीदकर प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रमोद तिवारी का यह बयान मंगलवार को उनके मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल द्वारा जारी किया गया।
रिपोर्ट : उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता, यूनाइटेड भारत



