
Political News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी का नोटिस मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने जांच एजेंसियों और विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें डराने या झुकाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी।
नोटिस लेकर घर पहुंची CID की टीम
रिपोर्ट्स के अनुसार, सीआईडी और हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के हरीश मुखर्जी रोड वाले आवास पर नोटिस देने पहुंची थी। हालांकि उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। टीम ने काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
बाद में अभिषेक बनर्जी ने मीडिया के सामने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से उस घर में नहीं रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी एजेंसी को उन्हें नोटिस देना है या पूछताछ करनी है तो उनके वर्तमान कालीघाट स्थित आवास पर संपर्क करना चाहिए।
इसके बाद जांच एजेंसी की टीम कालीघाट स्थित उनके आवास पहुंची और उन्हें नोटिस सौंपा गया।
नोटिस मिलते ही मीडिया के सामने आए अभिषेक
नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें जांच एजेंसियों की कार्रवाई से कोई डर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से विभिन्न एजेंसियां उनके खिलाफ जांच कर रही हैं, लेकिन वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
अभिषेक ने कहा कि पहले उनके पीछे केवल ईडी और सीबीआई थीं, लेकिन अब राज्य पुलिस, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम जैसी संस्थाओं को भी इसमें शामिल कर लिया गया है।
“हिम्मत है तो गिरफ्तार करके दिखाओ”
टीएमसी नेता ने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि यदि जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त सबूत हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह कहीं भागने वाले नहीं हैं और हर जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई एजेंसियों को उनके पीछे लगाकर उन्हें ब्लैकमेल करने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।
“मेरा गला काट दो, फिर भी नहीं झुकूंगा”
अपने बयान के दौरान अभिषेक बनर्जी ने बेहद आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने कहा कि चाहे उनके खिलाफ कितनी भी एजेंसियां लगा दी जाएं, वह दबाव में आने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें झुकाने के लिए विरोधियों को कई बार सोचना पड़ेगा और वह किसी भी कीमत पर अपने राजनीतिक सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे। अभिषेक ने खुद को “गद्दार नहीं” बताते हुए कहा कि डर या दबाव उनकी राजनीति का हिस्सा नहीं है।
बंगाल में फिर गरमाई राजनीतिक लड़ाई
अभिषेक बनर्जी को नोटिस मिलने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बता रही है, जबकि विपक्ष जांच एजेंसियों की कार्रवाई को कानून के दायरे में की जा रही प्रक्रिया बता रहा है।
आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है, क्योंकि राज्य में पहले से ही सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी दलों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है।
सीआईडी के नोटिस के बाद अभिषेक बनर्जी के तीखे तेवर एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने साफ संदेश देने की कोशिश की है कि वह किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं और यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।



