सड़कें बनीं तालाब, जनजीवन हुआ बेहाल

Roads turned into ponds; daily life thrown out of gear.

दो घंटे की बारिश ने खोली नगर निगम की तैयारियों की पोल
दैनिक दिनचर्या संग प्रभावित हुआ व्यापारियों का व्यापार
सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने जहां एक ओर लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के जल निकासी प्रबंधन की हकीकत भी उजागर कर दी। करीब दो घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्गों, कॉलोनियों और मोहल्लों में पानी भर गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रभावित रहा यातायात
बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। लोगों को वाहन धक्का लगाकर निकालने पड़े। कई गलियों में पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय रहवासियों की चिंता बढ़ गई। जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और बाजार जाने वाले नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम के समय कार्यालयों की छुट्टी होने पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। जगह-जगह जाम की स्थिति बन गई और लोग घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे। कई कर्मचारी अपने घर निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचे। लगातार जलभराव के कारण पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई जगह खुले नालों और गड्ढों का पता नहीं चलने से दुर्घटना का खतरा भी बना रहा। बारिश का असर शहर के व्यापार पर भी साफ दिखाई दिया। जलभराव और खराब यातायात व्यवस्था के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही। दुकानदारों ने बताया कि पूरे दिन कारोबार प्रभावित रहा और सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री काफी कम हुई। कई दुकानों के सामने पानी भर जाने से ग्राहकों को अंदर पहुंचने में भी परेशानी हुई। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में सभी दावों की पोल खुल जाती है। दो घंटे की बारिश ने यह साबित कर दिया कि शहर की जल निकासी व्यवस्था अब भी पर्याप्त नहीं है। कई मोहल्लों में नालियां ओवरफ्लो होती रहीं और पानी सड़कों पर जमा हो गया।
हालात हो सकते है गंभीर
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की नियमित सफाई, जल निकासी तंत्र का विस्तार और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश से हालात और गंभीर हो सकते हैं। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे कर शीघ्र स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर बारिश के बाद शहर को जलभराव और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

रिपोर्ट: आकाश त्रिपाठी

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