International News: मिशन यूरोप! जयशंकर की साइप्रस यात्रा और भारत-ईयू की बढ़ती कूटनीतिक नजदीकी

जिम्निच बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर, साइप्रस के राष्ट्रपति सहित कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात; व्यापार, रक्षा, कनेक्टिविटी और भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर हुई अहम चर्चा।

International News: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने साइप्रस गणराज्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सफल आधिकारिक यात्रा की। यह यात्रा यूरोपीय संघ (ईयू) की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कल्लास तथा साइप्रस के विदेश मंत्री डॉ. कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस के विशेष निमंत्रण पर हुई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक, जिसे ‘जिम्निच’ कहा जाता है, में एक विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लेना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना था।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री ने ईयू के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के कार्य सत्र में भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र साझा हितों से जुड़े प्रासंगिक नीतिगत मुद्दे थे, जिनमें विशेष रूप से पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व और व्यापक क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों के भू-राजनीतिक प्रभावों पर विमर्श हुआ। विदेश मंत्री ने भूमध्यसागरीय क्षेत्र में भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों को मजबूती से रेखांकित किया तथा यूरोपीय संघ के साथ व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

मंत्रालय ने कहा कि जिम्निच बैठक के इतर विदेश मंत्री ने काजा कल्लास और डॉ. कोम्बोस के साथ ही सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला, यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा और स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस बुएनो के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों और अन्य ईयू मंत्रियों के साथ उनके संवादों ने उन्हें पश्चिम एशिया, यूक्रेन संघर्ष, भारत-ईयू सहयोग, द्विपक्षीय संबंधों तथा व्यापक क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया।

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इस दौरान डॉ. जयशंकर ने निकोसिया में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, कनेक्टिविटी, रक्षा एवं सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की।

डॉ. जयशंकर ने इसकी जानकारी देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “हाल की राजकीय यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए, जिससे हमारी साझेदारी अपने अगले चरण में पहुंच गई है। मैंने राष्ट्रपति को इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ने का आश्वासन दिया। हमने पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व में बदलती स्थिति के साथ-साथ भूमध्यसागर क्षेत्र में भारत के हितों पर भी चर्चा की।”

विदेश मंत्री के इस दौरे ने साइप्रस, यूरोपीय संघ और प्रमुख क्षेत्रीय साझेदारों के साथ भारत की बढ़ती सहभागिता को और अधिक मजबूत किया तथा भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को नया बल प्रदान किया।

(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

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