
Rahul Gandhi Meets Injured Students: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को घायल छात्रों से मिलने डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। अस्पताल में छात्रों का हालचाल जानने के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और इस मामले पर प्रधानमंत्री को सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? जिन छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की, उनसे अब तक माफी क्यों नहीं मांगी गई? उन्हें इस मुद्दे पर बोलना चाहिए और इसे समाप्त करना चाहिए।”
संसद में चर्चा की मांग
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि विपक्ष चाहता है कि छात्रों के साथ हुई घटना और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े संकट पर संसद में गंभीर चर्चा हो, ताकि सरकार अपनी जवाबदेही स्पष्ट करे।
‘छात्रों की आवाज नहीं दबने देंगे’
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जो पूरी तरह उचित है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों की आवाज को दबने नहीं देगा और यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक लगातार उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि संसद देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं कर सकती, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए संसद में इस विषय पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।
खड़गे ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों किया गया तथा परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रहे विवादों की जिम्मेदारी कौन लेगा।
सरकार का पक्ष भी आया सामने
इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा देने की बात कही है। उन्होंने सभी राज्यों से परीक्षा प्रणाली को और मजबूत तथा पारदर्शी बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील भी की।
छात्र आंदोलन और परीक्षा प्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच यह मुद्दा अब संसद के मानसून सत्र में भी प्रमुख राजनीतिक विषय बन गया है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के उपायों पर जोर दे रही है।



