आदेश में अटका छात्रों का प्रवेश: सीईटी पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू न होने से बढ़ी चिंता

Student admissions stuck in order: Non-start of admissions to CET courses raises concerns

प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से हो गई है, लेकिन कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) के माध्यम से संचालित होने वाले पाठ्यक्रमों में दाखिले अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि शासन स्तर से सीटों का आवंटन और अंतिम आदेश जारी नहीं होने के कारण प्रवेश परीक्षा और उससे जुड़ी प्रक्रिया लंबित है। वहीं विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों ने भी अपने स्तर पर सामान्य पाठ्यक्रमों में दाखिले लेने शुरू कर दिए हैं। इसके विपरीत सीईटी के माध्यम से संचालित होने वाले व्यावसायिक और विशेष पाठ्यक्रमों में अब तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। बीते कई दिनों से छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट और विभागों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक स्पष्ट सूचना नहीं मिल पा रही है। इससे छात्र और अभिभावक दोनों परेशान हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार विश्वविद्यालय में कई ऐसे पाठ्यक्रम हैं, जिनमें प्रवेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के जरिए होता है। इन कोर्सों में दाखिले के लिए पहले सीट निर्धारण, शासन की मंजूरी और परीक्षा कार्यक्रम तय किया जाता है। इस बार शासन की ओर से सीटों के आवंटन संबंधी आदेश जारी न होने से पूरी प्रक्रिया अटक गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि शासन से जैसे ही अनुमति और सीट आवंटन का आदेश प्राप्त होगा, तुरंत प्रवेश परीक्षा कराने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद परिणाम घोषित कर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की तैयारी पहले से की जा रही है, ताकि छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो। हालांकि छात्रों का कहना है कि हर वर्ष समय से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार देरी के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई और दूसरे विकल्पों को लेकर चिंता सता रही है। कई छात्र ऐसे हैं जिन्होंने अन्य विश्वविद्यालयों में आवेदन नहीं किया और अब पूरी तरह सीईटी प्रक्रिया पर निर्भर हैं। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार शासन स्तर पर संपर्क बनाए हुए है और अनुमान है कि 15 मई के बाद से समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रवेश प्रारंभ होने की उम्मीद है। आदेश जारी होते ही परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर ऑनलाइन आवेदन और प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल सामान्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश की रफ्तार तेज है, लेकिन सीईटी आधारित पाठ्यक्रमों में दाखिले का इंतजार कर रहे छात्रों की निगाहें अब शासन के फैसले पर टिकी हुई हैं। विश्वविद्यालय के बाहर और हेल्प डेस्क पर छात्र लगातार जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। ऐसे में शासन के आदेश में हो रही देरी विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ छात्रों के लिए भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। प्रो.राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय से लगभग सात सौ अधिक महाविद्यालय संबद्ध है।

रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी

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