
Business News: भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार में जारी अनिश्चितता और वैश्विक तनाव के असर से देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 4 कंपनियों के मार्केट कैप में भारी गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 1.09 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सबसे बड़ा नुकसान देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को उठाना पड़ा।
हालांकि बाजार में गिरावट के बीच कुछ कंपनियों ने मजबूती भी दिखाई और 6 कंपनियों ने मिलकर करीब 46,685 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की।
सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, लेकिन निवेशकों में सतर्कता
सप्ताह के दौरान बीएसई सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत मजबूत हुआ। इसके बावजूद निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।
SBI को सबसे बड़ा नुकसान
पिछले सप्ताह जिन कंपनियों के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, उनमें SBI सबसे आगे रहा।
- SBI का मार्केट कैप 44,722.34 करोड़ रुपये घटकर 9.41 लाख करोड़ रुपये रह गया।
- भारती एयरटेल की वैल्यूएशन 31,167.1 करोड़ रुपये घटकर 11.18 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केट कैप 28,456.26 करोड़ रुपये कम होकर 8.66 लाख करोड़ रुपये रह गया।
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के बाजार पूंजीकरण में 5,371.84 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
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इन कंपनियों ने दिखाई मजबूती
जहां कुछ कंपनियों को नुकसान हुआ, वहीं कई बड़ी कंपनियों ने बाजार में मजबूती दिखाई।
- HDFC Bank का मार्केट कैप 15,425.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12.02 लाख करोड़ रुपये हो गया।
- बजाज फाइनेंस की वैल्यूएशन 11,486.89 करोड़ रुपये बढ़ी।
- हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 8,763.97 करोड़ रुपये बढ़ा।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यूएशन 6,563.28 करोड़ रुपये बढ़कर 19.42 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।
- LIC और ICICI Bank के बाजार पूंजीकरण में भी बढ़त दर्ज की गई।
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी Reliance
सप्ताह के अंत में रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद HDFC Bank, Bharti Airtel, SBI, ICICI Bank और TCS का स्थान रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक तनाव और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई
Written By: Anushri Yadav



