mother’s Day special: मां हार गई जिंदगी से, लेकिन ममता नहीं हारी… जबलपुर हादसे का वो मंजर जिसने सबको रुला दिया

जबलपुर हादसे का वो दृश्य जिसने हर आंख नम कर दी आखिरी सांस तक बच्चे को सीने से लगाए रही मां मदर्स डे पर ममता की सबसे मार्मिक तस्वीर

mother’s Day special: “मां”… यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का सबसे सुरक्षित एहसास है।
एक ऐसा रिश्ता, जो अपने बच्चे के लिए हर दर्द, हर तकलीफ और यहां तक कि मौत से भी लड़ जाता है।

10 मई 2026 को पूरी दुनिया मदर्स डे मना रही होगी। सोशल मीडिया पर लोग अपनी मां के साथ तस्वीरें साझा करेंगे, उन्हें धन्यवाद कहेंगे, प्यार जताएंगे। लेकिन इस मदर्स डे पर जबलपुर के बरगी डैम हादसे की एक तस्वीर लोगों के दिलों को हमेशा के लिए झकझोर देगी।

वह तस्वीर, जिसमें एक मां अपने चार साल के मासूम बच्चे को सीने से लगाए हुए मिली…
जैसे मौत आने से पहले भी वह अपने बच्चे को जिंदगी देना चाहती हो।

30 अप्रैल 2026 की शाम मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में पर्यटकों से भरी एक क्रूज बोट अचानक तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच पलट गई। कुछ ही मिनटों में खुशियों से भरी वह सैर चीखों में बदल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। हर तरफ अफरा-तफरी थी।

लेकिन उसी अफरा-तफरी के बीच एक मां अपनी आखिरी लड़ाई लड़ रही थी।
वह खुद डूब रही थी, लेकिन उसने अपने बच्चे को अपने सीने से अलग नहीं होने दिया।

जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, तो जो दृश्य सामने था उसने सभी को अंदर तक तोड़ दिया। मां और उसका मासूम बच्चा एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। ऐसा लग रहा था जैसे मां ने मौत से पहले भी अपने बच्चे को अपनी बाहों में सुरक्षित रखने की कोशिश की हो।

Mother’s Day-माँ सिर्फ परिवार की धुरी नहीं, बल्कि समाज की रीढ़ होती हैं- प्रो० जे०पी० एन० मिश्र

मौके पर मौजूद कई लोग रो पड़े। बचावकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं। क्योंकि उस दिन वहां सिर्फ एक हादसा नहीं हुआ था, वहां ममता ने अपनी आखिरी परीक्षा दी थी।

कहते हैं कि मां अपने बच्चे के लिए भगवान का दूसरा रूप होती है। जब बच्चा जन्म लेता है, उसी दिन एक मां भी जन्म लेती है। और शायद यही वजह है कि हर परिस्थिति में मां सबसे पहले अपने बच्चे के बारे में सोचती है।

जबलपुर हादसे की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि मां का प्यार किसी सीमा में बंधा नहीं होता। वह अपने हिस्से की सांसें भी अपने बच्चे के नाम कर देती है।

आज जब हम मदर्स डे मना रहे हैं, तो सिर्फ उपहार या तस्वीरें ही नहीं, बल्कि मां के उस त्याग और प्रेम को भी याद करना जरूरी है, जिसे शब्दों में कभी पूरी तरह बयां नहीं किया जा सकता।

क्योंकि मां हार सकती है जिंदगी से…
लेकिन अपनी ममता से कभी नहीं।

Written By: Anushri Yadav

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