क्या प्रयागराज फिर बनाएगा स्वच्छता का नया कीर्तिमान?

Will Prayagraj again create a new record of cleanliness?

15 मई से शुरू हो सकता है स्वच्छता सर्वेक्षण
नगर निगम की तैयारियों की होगी बड़ी परीक्षा
प्रयागराज। केंद्र सरकार एक बार फिर देशभर के शहरों की स्वच्छता व्यवस्था को परखने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण कराने जा रही है। इस बार सर्वेक्षण की शुरुआत 15 मई से होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रयागराज नगर निगम और उसके अधिकारियों की तैयारियां तेज हो गई हैं। पिछले वर्षों में स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर चुके प्रयागराज के सामने इस बार अपनी साफ-सुथरी छवि को बरकरार रखने की बड़ी चुनौती होगी। पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 की रिपोर्ट में प्रयागराज ने पूरे देश में 14वां स्थान हासिल किया था, जबकि ‘बेस्ट गंगा टाउन की श्रेणी में शहर ने पहला स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की थी।

अब एक बार फिर नगर निगम की व्यवस्थाओं, सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और नागरिक सुविधाओं की परीक्षा होने जा रही है। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, इस बार का स्वच्छता सर्वेक्षण तीन प्रमुख आधारों पर किया जाएगा। इसके लिए कुल 12,500 अंक निर्धारित किए गए हैं। सर्वेक्षण की प्रक्रिया को निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए चार सदस्यीय पांच टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, गंगा किनारे की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण करेंगी। नगर निगम के मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक अधिकारी गोविंद बाजपेयी ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत 15 मई से होने की संभावना है। वहीं इसकी अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर-नवंबर के बीच जारी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से सभी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।

शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। अंकों के विभाजन की बात करें तो इस बार ग्राउंड असेसमेंट के लिए सबसे अधिक 10,500 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत शहर की वास्तविक सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान, डोर-टू-डोर कलेक्शन, सड़कों की सफाई और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा ‘गार्बेज फ्री सिटीÓ के लिए 1,000 अंक तय किए गए हैं, जिसमें यह देखा जाएगा कि शहर में कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो रहा है या नहीं। वहीं ‘ओडीएफ प्लस ‘, पानी और पीडीएफ श्रेणी के लिए भी 1,000 अंक निर्धारित किए गए हैं।

नगर निगम प्रशासन का दावा है कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में और बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। साथ ही लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए जनसंपर्क अभियान शुरू किए जाएंगे। हालांकि शहर की वास्तविक स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। कई इलाकों में अब भी कूड़े के ढेर, नालियों की गंदगी और नियमित सफाई की कमी देखने को मिलती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रयागराज नगर निगम सर्वेक्षण शुरू होने से पहले इन व्यवस्थाओं को पूरी तरह सुधार पाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण केवल नगर निगम की परीक्षा नहीं, बल्कि शहरवासियों की जिम्मेदारी भी है।

यदि नागरिक प्रशासन का सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने से बचें, तभी प्रयागराज अपनी स्वच्छ छवि को कायम रख सकेगा। अब सबकी नजर आने वाले सर्वेक्षण पर टिकी है कि क्या प्रयागराज इस बार भी स्वच्छता की दौड़ में नया इतिहास रच पाएगा या नहीं।

रिपोर्ट: आकाश त्रिपाठी

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