
Amazon: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही हाई सैलरी और AI से जुड़ी कहानियों को लेकर Amazon की एक टेक्निकल एक्सपर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर साफ कहा कि इंटरनेट पर दिखाई देने वाली हर जानकारी सच नहीं होती और यूजर्स को बिना जांचे-परखे इन पोस्ट्स पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
यह बहस तब शुरू हुई जब X यूजर ओजस शर्मा ने एक कथित कहानी साझा की, जिसमें दावा किया गया था कि उनका एक सीनियर Google में 89 लाख रुपये सालाना पैकेज पर काम कर रहा है और AI की मदद से कोडिंग करता है। हालांकि, बाद में उन्होंने खुद ही खुलासा किया कि यह कहानी पूरी तरह से फर्जी थी और सिर्फ यह दिखाने के लिए बनाई गई थी कि ऐसी पोस्ट्स कितनी तेजी से वायरल हो जाती हैं।
इस चर्चा में शामिल होते हुए Amazon की टेक प्रोफेशनल नेहा शर्मा ने भी इसी तरह का एक उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि 5 करोड़ रुपये सालाना पैकेज वाली एक कहानी भी पूरी तरह काल्पनिक थी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की कई पोस्ट्स सिर्फ व्यूज़ और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए बनाई जाती हैं।
नेहा शर्मा ने यूजर्स को आगाह करते हुए लिखा कि “ऑनलाइन जो कुछ भी दिखता है, वह अक्सर अतिरंजित या मनगढ़ंत होता है। इसलिए हर जानकारी को सच मानने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।”
इस मुद्दे पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं, जहां कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में और भी बढ़ा-चढ़ाकर कहानियां शेयर कीं। किसी ने AI से स्पेस मिशन चलाने का दावा किया तो किसी ने करोड़ों के पैकेज की बात कही।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI और हाई-पेइंग जॉब्स को लेकर फैली इस तरह की भ्रामक जानकारी युवाओं में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा कर सकती है। ऐसे में जरूरी है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाली जानकारी को सोच-समझकर ही स्वीकार किया जाए।



