
New Delhi News-भारत गरीब और विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) के विकास, सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। हाल के दिनों में भारत ने ऊर्जा परियोजनाओं से लेकर मानवीय मदद तक कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जो वैश्विक दक्षिण के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
कांगो में भारत समर्थित जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में भारत के सहयोग से बने काकोबोला जलविद्युत संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन किया गया। यह परियोजना दोनों देशों के बीच साझेदारी का बड़ा उदाहरण है।
कांगो के जल संसाधन एवं विद्युत मंत्री मोलेन्डो साकोम्बी ने संयंत्र का उद्घाटन किया। भारतीय दूतावास ने बताया कि यह परियोजना क्विलु प्रांत के कई कस्बों को विश्वसनीय और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराएगी।
परियोजना की विशेषताएं
- 10.5 मेगावाट की क्षमता वाला जलविद्युत संयंत्र
- ‘रन-ऑफ-रिवर’ तकनीक पर आधारित आधुनिक ढांचा
- 4 लाख से अधिक लोगों को बिजली उपलब्ध
- स्थानीय अर्थव्यवस्था, छोटे उद्योगों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा लाभ
यह परियोजना भारत और कांगो के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग को आगे बढ़ाती है और सतत विकास व स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को मजबूती देती है।
भारत ने दो देशों को भेजी मानवीय सहायता
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने बीते दो दिनों में ग्लोबल साउथ के दो देशों को महत्वपूर्ण सहायता भेजी है।
1. सिएरा लियोन को चावल की मदद
भारत ने सिएरा लियोन की स्कूल मिड-डे मील योजना के लिए
1,000 मीट्रिक टन चावल भेजा है।
यह कदम ग्लोबल साउथ देशों के साथ सामाजिक और शैक्षणिक सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया है।
2. मोज़ाम्बिक को दवाओं की आपूर्ति
एक दिन पहले भारत ने मोज़ाम्बिक को भयंकर बाढ़ के बाद राहत पहुंचाने के लिए
86 मीट्रिक टन आवश्यक दवाएं भेजीं।
यह सहायता आपदा से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।



