
तिरुचिरापल्ली। Narendra Modi ने वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देशवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों या एलपीजी गैस की कमी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और लोगों को केवल सही व प्रमाणित जानकारी ही साझा करनी चाहिए।
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में एनडीए की एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सरकार हर परिस्थिति में “इंडिया फर्स्ट” की सोच के साथ काम करती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश किसी भी वैश्विक संकट से सफलतापूर्वक निपटने में सक्षम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है, लेकिन भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए केंद्र सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।
इससे पहले भी पीएम मोदी ने कहा था कि भारत अपने नागरिकों को संकट के समय विदेशों में फंसा हुआ नहीं छोड़ता। उन्होंने खाड़ी देशों का भी आभार जताया, जो वहां काम कर रहे भारतीय नागरिकों का ध्यान रख रहे हैं।
इस बीच केंद्र सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के जारी है। अधिकारियों के अनुसार, देश में प्रतिदिन करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल की उपलब्धता बनी हुई है।
सरकार ने यह भी बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति Strait of Hormuz के रास्ते होती है। हालांकि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी संभावित बाधा से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।



