Global oil supply crisis: जंग बढ़ी तो कितने दिन चलेगा भारत का तेल? पड़ोसी देशों की क्या हालत

Global oil supply crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के आसपास हालात बिगड़ने के बाद पूरी दुनिया की नजर अब तेल के भंडार पर टिक गई है। क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। अगर यहां संकट गहराता है तो कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।

भारत भी इस गलियारे पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो देश के पास कितने दिन का तेल भंडार मौजूद है। ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। लेकिन इमरजेंसी हालात के लिए देश ने खास इंतजाम कर रखे हैं।

भारत के पास रणनीतिक और वाणिज्यिक भंडार को मिलाकर लगभग 50 से 60 दिनों का तेल स्टॉक मौजूद बताया जाता है। यह तकरीबन 25 करोड़ बैरल (करीब 4,000 करोड़ लीटर) है, जिसमें क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडॅक्ट शामिल हैं। हालांकि पूरी क्षमता का इस्तेमाल तुरंत नहीं किया जा सकता, इसलिए व्यावहारिक रूप से करीब 40 दिनों का तेल उपलब्ध माना जाता है। यह भंडार अंडरग्राउंड स्ट्रैटेजिक गुफाओं और बड़े स्टोरेज टैंकों में सुरक्षित रखा गया है, जिनमें प्रमुख स्थानों पर भंडारण की व्यवस्था की गई है।

सरकार की ओर से भी आश्वासन दिया गया है कि फिलहाल देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने कहा है कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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अगर पड़ोसी देशों की बात करें तो चीन इस मामले में काफी मजबूत स्थिति में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके पास लगभग 90 से 100 दिनों का तेल भंडार मौजूद है। वहीं पाकिस्तान के पास करीब 28 दिनों का ईंधन रिजर्व बताया जाता है। बांग्लादेश की स्थिति भी सीमित मानी जाती है, जहां लगभग 35 से 40 दिनों का स्टॉक मौजूद है।

ऐसे में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा अब कई देशों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है।

Written By: Kalpana Pandey

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