राहुल के ‘गले लगने और आंख मारने’ पर सियासत, रिजिजू के तंज पर प्रियंका का पलटवार

लोकसभा में राहुल गांधी के 2018 वाले गले लगने और आंख मारने वाले घटनाक्रम पर किरेन रिजिजू ने तंज कसा। इस पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। जानिए पूरा विवाद।

New Delhi. लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के 2018 में प्रधानमंत्री को गले लगाने और बाद में आंख मारने वाले पुराने घटनाक्रम को लेकर सियासी बहस छिड़ गई। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता अपने व्यवहार को लेकर गंभीर नहीं हैं।

हालांकि इस टिप्पणी पर कांग्रेस सांसद Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा जवाब देते हुए बीजेपी पर पलटवार किया।

रिजिजू ने याद दिलाया 2018 का घटनाक्रम

लोकसभा में बहस के दौरान रिजिजू ने कहा कि उन्होंने ऐसा नेता पहले कभी नहीं देखा जो प्रधानमंत्री को गले लगाए और फिर अपनी सीट पर जाकर साथियों को आंख मारे।

उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार बताता है कि विपक्ष के नेता गंभीर राजनीति नहीं कर रहे हैं।

रिजिजू उस अविश्वास प्रस्ताव पर बोल रहे थे जो विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ लाया है।

यह घटना 2018 की है जब राहुल गांधी ने लोकसभा में भाषण के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री Narendra Modi को जाकर गले लगाया था। बाद में अपनी सीट पर लौटते समय उनके आंख मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था। उस समय बीजेपी ने इसे “बचकाना व्यवहार” बताया था।

प्रियंका गांधी का पलटवार

रिजिजू के भाषण के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार राहुल गांधी की बातों को सहन नहीं कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राहुल गांधी ऐसे नेता हैं जिन्होंने सरकार के सामने झुकने से इनकार किया है।

प्रियंका ने यह भी कहा कि जब सत्तापक्ष के सांसद भाषण देते समय अचानक Jawaharlal Nehru की तारीफ करने लगते हैं तो उन्हें हंसी आती है, क्योंकि वही नेता अक्सर नेहरू की आलोचना करते हैं।

बहस में शेरो-शायरी का भी जिक्र

अपने भाषण के अंत में रिजिजू ने मुगल काल के अंतिम सम्राट Bahadur Shah Zafar पर लिखे शायर Muzaffar Khairabadi के मशहूर शेर का हवाला दिया।

उन्होंने कहा – “न किसी की आंख का नूर हूं, न किसी के दिल का करार हूं, जो किसी के काम न आ सके, मैं वो एक मुश्त-ए-गुबार हूं।”

स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर गरमाई राजनीति

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव को लेकर सदन में माहौल पहले से ही गरम है।

कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने भी रिजिजू पर आरोप लगाया कि संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उन्होंने विपक्ष को सबसे ज्यादा टोका है।

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने रिजिजू का बचाव करते हुए कहा कि जब कोई सदस्य संसदीय नियमों का पालन नहीं करता तो ऐसी हस्तक्षेप जरूरी हो जाता है।

विवाद की जड़ क्या है

दरअसल विवाद उस समय बढ़ा जब राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख M. M. Naravane की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ का हवाला देते हुए चीन से जुड़े 2020 के सीमा विवाद को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे।

सरकार का कहना है कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली पांडुलिपि का उल्लेख करना नियमों के खिलाफ है।

इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है।

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