State News: भोपाल–ग्वालियर मार्ग पर इंसानियत की मिसाल: Shivraj Singh Chouhan ने रोका काफिला, घायल युवक को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल

State News: भोपाल–ग्वालियर हाईवे पर एक संवेदनशील और प्रेरक घटना सामने आई, जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल पड़े एक युवक की मदद के लिए अपना काफिला रुकवा दिया। जानकारी के मुताबिक, युवक किसी सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ था और काफी देर से सड़क किनारे तड़प रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन तत्काल सहायता नहीं पहुंच पाई थी।

इसी दौरान मंत्री का काफिला वहां से गुजर रहा था। जैसे ही उनकी नजर घायल युवक पर पड़ी, उन्होंने बिना देर किए गाड़ियां रुकवाईं और खुद नीचे उतरकर स्थिति का जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक की हालत गंभीर थी और वह दर्द से कराह रहा था। समय की नाजुकता को समझते हुए शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत निर्णय लिया कि इंतजार करने के बजाय उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए।

उन्होंने अपने स्टाफ को निर्देश दिया और घायल युवक को अपनी ही सरकारी गाड़ी में बैठाकर नजदीकी अस्पताल भिजवाया। साथ ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को फोन कर इलाज में किसी भी प्रकार की देरी न होने के निर्देश दिए। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने युवक का तत्काल उपचार शुरू किया। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचना उसके लिए बेहद अहम साबित हुआ।

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घटना के बाद मंत्री ने कहा कि “मानव जीवन सबसे अनमोल है। अगर हम किसी की जान बचाने में सक्षम हैं, तो हमें तुरंत आगे आना चाहिए।” उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि सड़क हादसे में घायल लोगों की मदद करने से पीछे न हटें, क्योंकि ‘गुड समैरिटन’ कानून मदद करने वालों को कानूनी सुरक्षा देता है।

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि संवेदनशील नेतृत्व सिर्फ मंच से दिए गए भाषणों तक सीमित नहीं होता, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने वाले व्यवहार में भी झलकता है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और इंसानियत का जीवंत उदाहरण बताया।

भोपाल–ग्वालियर मार्ग की यह घटना केवल एक सड़क हादसे की कहानी नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि पद और प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर इंसानियत को प्राथमिकता दी जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

Written By: Anushri Yadav

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