UP Electricity Bill Hike : यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, जानिये अब जून से कितना बढ़कर आयेगा बिजली बिल

UP Electricity Bill Hike : उत्तर प्रदेश में जून 2026 से बिजली बिल पर 10 फीसदी अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। यूपी के 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा। उपभोक्ता परिषद ने फैसले का विरोध करते हुए जांच की मांग की है।

UP Electricity Bill Hike : उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को जून से बड़ा झटका लगने वाला है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। यह अतिरिक्त शुल्क जून में जारी होने वाले बिजली बिलों में शामिल होगा, जिससे प्रदेश के लगभग 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

यदि किसी उपभोक्ता का मासिक बिजली बिल 100 रुपये है तो उसे 10 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा। सूत्रों के अनुसार जुलाई में भी इसी प्रकार का अधिभार लागू किया जा सकता है। इसका असर घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

उपभोक्ता परिषद ने जताया विरोध

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि फरवरी 2026 में भी 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाया गया था। उनका आरोप है कि महंगाई, भीषण गर्मी और बढ़ती ऊर्जा लागत के बीच उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालना अनुचित है।

1610 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार डालने का आरोप

उपभोक्ता परिषद का दावा है कि मार्च 2026 में महंगी दरों पर बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं पर करीब 1,610 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार डाला गया है। परिषद ने बिजली खरीद प्रक्रिया और निजी उत्पादक कंपनियों से हुए समझौतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

मुकदमों का खर्च अब उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा

इस बीच राहत की खबर यह है कि भविष्य में पावर कॉरपोरेशन जनता के खिलाफ लड़े जाने वाले मुकदमों का खर्च बिजली दरों में शामिल नहीं कर सकेगा। नियामक आयोग टैरिफ आदेश में ऐसी व्यवस्था करने की तैयारी कर रहा है। पिछले वर्ष पावर कॉरपोरेशन और एनपीसीएल ने मुकदमों पर कुल 46 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जिसे उपभोक्ताओं पर डालने का प्रयास किया गया था।

मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से बिजली बिलों पर लगाए जा रहे अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज को तत्काल रोकने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। परिषद का कहना है कि बिजली कंपनियों के पास पहले से ही पर्याप्त उपभोक्ता अधिशेष उपलब्ध है, इसलिए अतिरिक्त अधिभार का कोई औचित्य नहीं है।

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