
Twisha Sharma Case Latest Update: ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। एक ओर CBI ने मामले की जांच तेज कर दी है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष भी कानूनी मोर्चे पर सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में समर्थ सिंह की मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने जवाबी हलफनामा दायर कर अपनी अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग का विरोध किया है।
हलफनामे में गिरिबाला सिंह ने दहेज प्रताड़ना, पैसों के लेन-देन, गर्भपात और CCTV फुटेज से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
जांच में पूरा सहयोग करने का दावा
गिरिबाला सिंह ने अपने जवाबी हलफनामे में कहा कि उन्होंने जांच एजेंसियों का हर स्तर पर सहयोग किया है। उनके अनुसार पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिसों का जवाब उन्होंने व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए समय-समय पर दिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि 13 मई को पुलिस उनके घर से मोबाइल फोन, लैपटॉप, DVR और मेडिकल दस्तावेज जब्त कर चुकी थी। ऐसे में सबूत छिपाने या जांच में बाधा डालने के आरोप बेबुनियाद हैं।
दहेज और पैसों के लेन-देन पर क्या कहा?
हलफनामे में दावा किया गया कि ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह के बीच सामान्य पारिवारिक लेन-देन होता रहता था। बचाव पक्ष ने कोर्ट में UPI ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड भी पेश किए हैं।
गिरिबाला सिंह ने कहा कि दहेज मांगने या प्रताड़ित करने का कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि व्हाट्सऐप चैट्स में केवल सामान्य पारिवारिक बातचीत दिखाई देती है और उनमें किसी तरह की प्रताड़ना के संकेत नहीं मिलते।
गर्भपात को लेकर भी दिया जवाब
जवाबी हलफनामे में ट्विशा शर्मा की प्रेग्नेंसी, गर्भपात और इलाज से जुड़े मेडिकल दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि गर्भपात सहमति से कराया गया था और इलाज की पूरी प्रक्रिया मेडिकल सलाह के अनुसार हुई थी।
साथ ही यह दावा भी किया गया कि ट्विशा मानसिक तनाव और एंग्जायटी का इलाज करवा रही थीं। इसके समर्थन में मेडिकल पर्चियां और रिकॉर्ड भी कोर्ट में जमा किए गए हैं।
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CCTV फुटेज और सबूतों से छेड़छाड़ पर सफाई
गिरिबाला सिंह ने CCTV फुटेज से छेड़छाड़ के आरोपों को भी खारिज किया है। उन्होंने कहा कि DVR पहले ही पुलिस द्वारा जब्त किया जा चुका था, इसलिए फुटेज के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ संभव नहीं थी।
हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का भी हवाला दिया गया है जिसमें निष्पक्ष जांच और मीडिया ट्रायल से बचने की बात कही गई है।
हाईकोर्ट में क्या है अगला कदम?
बचाव पक्ष ने अदालत से अपील की है कि राज्य सरकार और ट्विशा शर्मा के पिता की ओर से दायर अग्रिम जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज किया जाए।
अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि CBI जांच और कोर्ट की आगामी कार्यवाही इस हाई-प्रोफाइल केस में कई नए खुलासे कर सकती है।



