Share Market : 5 लाख करोड़ स्वाहा! सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, जानें बाजार में अचानक क्यों मचा हड़कंप

Share Market : शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1000 अंक तक टूटा और निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे। जानें गिरावट की बड़ी वजह, FII बिकवाली और ग्लोबल संकेतों का असर।

Share Market : सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इंट्राडे में सेंसेक्स 1000 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी में 320 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि आखिरी घंटे में हल्की रिकवरी आई, फिर भी बाजार भारी नुकसान के साथ बंद हुआ।

BSE Sensex 961 अंक यानी 1.17% टूटकर 81,287 के स्तर पर बंद हुआ।

NIFTY 50 317 अंक यानी 1.25% गिरकर 25,178 पर आ गया।

5 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू साफ

भारी गिरावट के चलते बीएसई का कुल मार्केट कैप 468.49 लाख करोड़ रुपये से घटकर 463.51 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की करीब 5 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन कम हो गई।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?

बीएसई के टॉप-30 में से 25 शेयर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा दबाव इन दिग्गज शेयरों पर रहा:

  • Sun Pharmaceutical Industries Ltd
  • Mahindra & Mahindra
  • Bharti Airtel
  • Bajaj Finserv
  • InterGlobe Aviation

एफएमसीजी और आईटी सेक्टर में भी बिकवाली देखने को मिली। बैंकिंग शेयर भी दबाव में कारोबार करते नजर आए।

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?

जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ी : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर बाजार चिंतित है। दोनों देशों के बीच बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही। साथ ही क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव : अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते टकराव ने एशियाई बाजारों पर दबाव डाला, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत : अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। टेक-हेवी एशियाई बाजारों ने भी गिरावट दिखाई, जिससे घरेलू बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली : विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को करीब 3,465.99 करोड़ रुपये की बिकवाली की। लगातार हो रही विदेशी निकासी ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया।

मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोर

  • कुल 4,369 एक्टिव शेयरों में से
  • 1,660 शेयर बढ़त में
  • 2,528 शेयर गिरावट में
  • 181 शेयर बिना बदलाव के बंद हुए

340 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचे, जबकि 100 शेयर 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर रहे। 9 शेयरों में लोअर सर्किट लगा।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ग्लोबल संकेत स्थिर नहीं होते और जियो-पॉलिटिकल तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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