
West Bengal CAA : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि अब अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के हवाले किया जाएगा, जिसके बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू होगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में कहा कि पिछली सरकार ने CAA का विरोध किया था, लेकिन उनकी सरकार ने 20 मई 2026 से इसे पूरी तरह लागू कर दिया है। उन्होंने बताया कि कानून के तहत छह धार्मिक समुदायों को नागरिकता का लाभ मिलेगा, जबकि इसके दायरे से बाहर आने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने इस प्रक्रिया को “Detect, Delete, Deportation” फ्रेमवर्क का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ऐसे लोगों को हिरासत में लेकर BSF को सौंपेगी और BSF, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) से समन्वय कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
सरकार के मुताबिक हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के वे लोग, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हैं, उन्हें CAA के तहत सुरक्षा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के सभी पुलिस थानों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
बीजेपी लंबे समय से पश्चिम बंगाल में घुसपैठ और बॉर्डर मैनेजमेंट को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाती रही है। नई सरकार के इस फैसले को राज्य की राजनीति में अहम कदम माना जा रहा है।



