US-Iran War: ईरान का दावा- अमेरिकी रीपर ड्रोन मार गिराया, होर्मुज में दो जहाजों में धमाका; सातवीं रात भी अमेरिका के हमले जारी

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। ईरान ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों का दावा किया है

US-Iran War: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार और गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, वहीं दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले करने का दावा किया है।

ईरान का दावा- मार गिराया अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन

ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, बुशेहर प्रांत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों में धमाका

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में दो कमर्शियल जहाजों में विस्फोट और आग लगने की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

IRGC ने इन धमाकों में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि जहाज बारूदी सुरंगों वाले समुद्री मार्ग में पहुंच गए थे, जिससे हादसा हुआ। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी एजेंसियों की गलत नेविगेशन के कारण जहाज खतरे वाले रास्ते पर पहुंचे।

वहीं, अमेरिका का कहना है कि इन जहाजों पर हमला ईरानी बलों ने किया है। फिलहाल इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सातवीं रात भी अमेरिका के हवाई हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर लगातार सातवें दिन हवाई हमले किए गए। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना बताया गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका अपने अभियान का दायरा बढ़ाकर ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना सकता है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य कार्रवाई (ग्राउंड ऑपरेशन) की संभावना से भी इनकार नहीं किया।

ईरान ने लगाया नागरिकों की मौत का आरोप

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार हालिया अमेरिकी हमले में तीन ग्रामीणों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और हमलों का जवाब देता रहेगा।

अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा

ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। ईरानी मीडिया का कहना है कि अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं रहा और कुछ मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचीं।

ईरान का दावा है कि जॉर्डन स्थित मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस भी हमले का निशाना बना, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

US-Iran War: अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का पलटवार, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में US ठिकानों पर हमले का दावा

बढ़ता तनाव, दुनिया की बढ़ी चिंता

होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। यहां बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है। लगातार हो रहे हमलों और पलटवार के बीच दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह संघर्ष और बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

(नोट: इस खबर में शामिल कुछ सैन्य दावे दोनों पक्षों के आधिकारिक बयानों पर आधारित हैं। इनमें से कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।)

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