
UP Weather Update : उत्तर प्रदेश में मानसून ने गुरुवार को विकराल रूप दिखाया। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के 69 शहरों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 75 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें 27 जिलों में पहली बार रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
कई जिलों में हादसे, जनजीवन अस्त-व्यस्त
भारी बारिश के बीच बुलंदशहर में मस्जिद की पुरानी दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। हरदोई में नदी में नहाने गई दो बहनें तेज बहाव में बह गईं। ग्रामीणों ने एक बहन को बचा लिया, जबकि दूसरी की तलाश जारी है।
गाजियाबाद में सड़क धंसने से कार और बाइक गड्ढे में फंस गईं। वहीं इंदिरापुरम में करंट लगने से एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। प्रयागराज, अलीगढ़, संतकबीरनगर, हापुड़ और अन्य जिलों में भी बिजली गिरने, करंट लगने और मकान ढहने जैसी घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई।
स्कूल बंद, अस्पतालों पर भी असर
लगातार बारिश के कारण मेरठ मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव हो गया, जिससे ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं। मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और बिजनौर में एहतियात के तौर पर स्कूल बंद कर दिए गए हैं। नोएडा, बागपत और कई अन्य शहरों में सड़कों पर जलभराव से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही।
अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से सक्रिय मानसूनी तंत्र का असर उत्तर प्रदेश में लगातार बना हुआ है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जुलाई के बीच और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 13 जुलाई के दौरान अत्यधिक वर्षा होने की आशंका है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
राज्य प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही आपदा प्रबंधन और राहत दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।



