Monsoon Session 2026: TMC के बागी सांसदों पर सर्वदलीय बैठक में बवाल, विपक्ष का वॉकआउट, फिर लौटे नेता

Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया। इस फैसले का कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, शिवसेना (UBT) और अन्य विपक्षी दलों ने विरोध किया। नाराज विपक्षी नेताओं ने बैठक से प्रतीकात्मक वॉकआउट किया, हालांकि बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सभी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।

धर्मेंद्र यादव ने उठाया मुद्दा

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बैठक के बाद कहा कि TMC के नेताओं ने सवाल उठाया कि पार्टी के अधिकृत सांसदों की जगह पहले बागी सांसदों की सूची क्यों दिखाई गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया और कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसा किस आधार पर किया गया।

महुआ मोइत्रा ने सरकार पर साधा निशाना

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि जिन सांसदों के विलय को अभी तक लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी नहीं मिली है और जिनकी सदस्यता से जुड़े मामले लंबित हैं, उन्हें सर्वदलीय बैठक में बुलाना गलत परंपरा की शुरुआत है। उन्होंने पूछा कि संसदीय कार्य मंत्रालय ने आखिर किस आधार पर इन सांसदों को निमंत्रण भेजा।

विपक्ष ने किया प्रतीकात्मक वॉकआउट

विवाद बढ़ने पर कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले, TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक छोड़कर बाहर निकल आए। बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार के फैसले की आलोचना की और इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया। इसके बाद सभी विपक्षी नेता दोबारा बैठक में लौट आए।

JMM ने भी जताई चिंता

JMM की राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने आरोप लगाया कि बीजेपी लगातार अन्य दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटों पर असर पड़ने की आशंका है।

किरेन रिजिजू की अपील

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद का मानसून सत्र सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार है और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी सकारात्मक सहयोग करेगा ताकि संसद की कार्यवाही बिना बाधा के चल सके।

राजनीतिक संदेश क्या?

सर्वदलीय बैठक में TMC के बागी सांसदों की मौजूदगी को लेकर उठा विवाद मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का संकेत माना जा रहा है। विपक्ष इसे संसदीय परंपराओं और दलगत मान्यता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रहा है, जबकि सरकार ने फिलहाल इस विवाद पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। आगामी संसद सत्र में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

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