
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समर्थकों पर हुए कथित लाठीचार्ज के मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। बुधवार को एक वकील ने इस मामले में जनहित याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की थी।
याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुआई वाली तीन जजों की बेंच के सामने प्रदर्शन से जुड़े वीडियो का हवाला दिया गया। इस पर CJI ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है।
जब याचिकाकर्ता की ओर से दोबारा वीडियो देखने का अनुरोध किया गया तो मुख्य न्यायाधीश ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अदालत का और अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।
यह मामला 20 जुलाई को हुए CJP के संसद मार्च से जुड़ा है। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान हजारों प्रदर्शनकारी दिल्ली में सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा घोटालों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाना चाहते हैं।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने संसद क्षेत्र की ओर बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए बल प्रयोग किया था। घटना में कई प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं।
कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कुछ महीनों से नीट पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन चला रही है। संगठन के प्रदर्शन में देशभर से छात्र और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
CJP नाम भी पिछले दिनों चर्चा में आया था। इससे पहले एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। इसके बाद आंदोलन से जुड़े लोगों ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का इस्तेमाल शुरू किया।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद फिलहाल इस मामले में तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की उम्मीद खत्म हो गई है। हालांकि याचिकाकर्ता आगे नियमित प्रक्रिया के तहत अदालत का रुख कर सकते हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़े आरोपों पर आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

