
Satya Niketan PG Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बॉयज पीजी (PG) भवन गिरने के दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही भवन मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
भवन मालिक समेत अन्य लोगों पर FIR
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के डीसीपी अमित गोयल के अनुसार, सत्य निकेतन पीजी भवन हादसे के मामले में साउथ कैंपस थाने में भवन मालिक हरिराम और अन्य आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 290 और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें गैर-इरादतन हत्या, भवन निर्माण या मरम्मत के दौरान लापरवाही तथा लोगों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे आरोप शामिल हैं।
ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था रेनोवेशन?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीजी भवन के ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन या मरम्मत का काम चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी काम के दौरान भवन की संरचना कमजोर हुई और इमारत ढह गई।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे की वास्तविक वजह विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मामले में आरोपितों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
5 लोगों की मौत, 10 लोगों को बचाया गया
डीसीपी के मुताबिक, अब तक 10 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। इनमें चार लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। आशंका को देखते हुए मौके पर मौजूद बचाव दल मलबे की गहन तलाशी कर रहे हैं।
NDRF समेत कई एजेंसियां राहत कार्य में जुटीं
सत्य निकेतन भवन हादसे के बाद दिल्ली प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घटनास्थल पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, नगर निगम दिल्ली (MCD), CATS और सिविल डिफेंस की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।
एहतियात के तौर पर ढही हुई इमारत के पास स्थित एक अन्य भवन को भी खाली करा दिया गया है।
CM रेखा गुप्ता ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे की सूचना मिलते ही घटनास्थल का दौरा किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
उन्होंने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देते हुए कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाएगा।
AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बाद में एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर हादसे में घायल लोगों का हालचाल भी जाना। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से घायलों के इलाज की जानकारी ली और सभी पीड़ितों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सत्य निकेतन पीजी भवन हादसे की जांच और राहत कार्य जारी है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



