
Rewa Nuclear Project: रीवा में प्रस्तावित परमाणु परियोजना को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने ग्राम सभा की मंजूरी के बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब ग्राम सभा की सहमति नहीं मिली थी, तो परियोजना के लिए NOC आखिर किस आधार पर जारी की गई?
इस मामले ने परियोजना की मंजूरी की प्रक्रिया और स्थानीय ग्रामीणों की सहमति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, NOC जारी होने की परिस्थितियों और ग्राम सभा की मंजूरी से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ग्राम सभा की सहमति पर उठे सवाल
परमाणु परियोजना जैसे बड़े निर्माण कार्यों में स्थानीय लोगों के हित, जमीन से जुड़े मामले और पर्यावरणीय प्रभाव महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में ग्राम सभा की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने संबंधित प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए यह जानना चाहा है कि क्या जरूरी नियमों का पालन किया गया था। यदि ग्राम सभा की सहमति आवश्यक थी, तो उसके बिना NOC जारी करने का आधार क्या रहा? यही सवाल अब विवाद के केंद्र में है।
परियोजना को लेकर आगे क्या होगा?
इस विवाद के बीच अब प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका पर नजर रहेगी। मामले में NOC जारी करने से जुड़े दस्तावेज, ग्राम सभा की बैठक के रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि NOC किस अधिकारी या विभाग ने जारी की और इसके लिए किन नियमों का सहारा लिया गया। इसलिए इन तथ्यों की पुष्टि के बिना किसी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
परमाणु परियोजना को लेकर उठे इन सवालों के बीच यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस पर क्या जवाब देता है और क्या मंजूरी की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए जाते हैं।



