
CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने लगी है और राजनीतिक जुबानी जंग अब चरम पर पहुंच गई है। कानपुर के ऐतिहासिक बिठूर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने दोनों नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में इस समय ‘छोटे मियां और बड़े मियां’ की जोड़ी चल रही है, जिन्हें देश के गरीबों और दलितों की नहीं बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की चिंता है।
‘बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाते हैं, गरीबों का हक मारते हैं’
सोमवार, 26 अक्टूबर को बिठूर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
“देश के अंदर दो मियां हैं—एक ‘छोटे मियां’ और एक ‘बड़े मियां’। ये बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाते हैं और दलितों, वंचितों, गरीबों, अन्नदाता किसानों एवं युवाओं का अपमान करते हैं। ये लोग घुसपैठियों के राशन कार्ड और सरकारी दस्तावेज बनवाकर हमारे गरीबों के हक पर डाका डालने का काम कर रहे हैं।”
सीएम ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध करने वाले दलों को देश की जनता को जवाब देना चाहिए कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को नागरिकता देने का विरोध क्यों किया गया था।
‘सत्ता विरासत में मिलती है, जनता का विश्वास नहीं’
अखिलेश यादव की राजनीति पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा का सीधा मतलब ही दंगा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद हो चुका है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि विरासत में गद्दी या सत्ता तो मिल सकती है, लेकिन जनता का भरोसा विरासत में नहीं मिलता। जनता का विश्वास अर्जित करने के लिए जमीन पर काम करना पड़ता है, केवल पारिवारिक विरासत के भरोसे राजनीति नहीं चलती। ‘काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती’, जनता अब इन दलों को सबक सिखाने के लिए तैयार है।
अतीत के दंगों और राजनीतिक हिंसा की दिलाई याद
पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए सीएम योगी ने मुजफ्फरनगर, कोसी कलां और मथुरा के जवाहर बाग कांड की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस दौर में आम नागरिक तो दूर, पुलिस अफसर भी सुरक्षित नहीं थे। जवाहर बाग में अवैध कब्जा हटाने गए पुलिस अधिकारी मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके साथ ही उन्होंने कानपुर में 1931 के दंगे में अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी और बिल्हौर के सोनकर परिवार के राजनीतिक हत्याकांड का भी उल्लेख किया और कहा कि बीजेपी सरकार ने प्रदेश को दंगामुक्त बनाकर कानून का शासन स्थापित किया है।
बिठूर को मिली 411 करोड़ की सौगात
जनसभा से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की और रामायण पाठ में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए 411 करोड़ रुपये से अधिक की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि बिठूर केवल पौराणिक नहीं बल्कि हमारी स्वाधीनता की पावन धरती है, जहां महर्षि वाल्मीकि ने रामायण लिखी, माता सीता को आश्रय मिला और 1857 में नाना साहब पेशवा व तात्या टोपे ने क्रांति की अलख जगाई थी।
written by Siddhi Srivastava



