
Technology News-सर्दियों का मौसम शुरू होते ही घरों में पानी गर्म करने की जरूरत बढ़ जाती है। कोई बाल्टी में इमर्शन रॉड लगाकर पानी गर्म करता है, तो कोई बाथरूम में लगे गीजर का इस्तेमाल करता है। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि इन दोनों में से कौन ज्यादा बिजली खर्च करता है और किसका इस्तेमाल करना जेब के लिए फायदेमंद है।
अगर आप भी बिजली का बिल कम रखना चाहते हैं, तो रॉड और गीजर की बिजली खपत का अंतर समझना जरूरी है। दरअसल, बिजली का खर्च केवल मशीन की क्षमता पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कितना पानी गर्म करते हैं और कितनी देर तक उपकरण चलाते हैं।
इमर्शन रॉड कितनी बिजली खर्च करती है?
पानी गर्म करने वाली इमर्शन रॉड आमतौर पर 1000 से 2000 वाट तक की क्षमता में मिलती है। इसका इस्तेमाल खासतौर पर बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए किया जाता है। कम मात्रा में पानी गर्म करना हो, तो यह एक आसान विकल्प हो सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि आप 1500 वाट की रॉड को 10 मिनट तक चलाते हैं, तो वह लगभग 0.25 यूनिट बिजली खर्च करेगी। अगर रोजाना इतनी देर रॉड का इस्तेमाल किया जाए, तो 30 दिनों में बिजली की खपत करीब 7.5 यूनिट होगी।
हालांकि, पानी गर्म होने में लगने वाला समय पानी की मात्रा, शुरुआती तापमान और रॉड की क्षमता पर निर्भर करता है। इसलिए वास्तविक खपत कुछ कम या ज्यादा हो सकती है।
रॉड का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बिजली चालू रहने के दौरान पानी या रॉड को छूना खतरनाक हो सकता है। रॉड को पानी में सही तरीके से डुबोकर रखें और बिजली का कनेक्शन बंद करने के बाद ही उसे बाहर निकालें।
गीजर चलाने पर कितना आता है खर्च?
घरों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक गीजर आमतौर पर 2000 से 3000 वाट या उससे अधिक क्षमता के होते हैं। इनकी मदद से एक बार में कई लीटर पानी गर्म किया जा सकता है। यही वजह है कि परिवार के कई सदस्यों के लिए गीजर सुविधाजनक साबित होता है।
मान लीजिए, आपका गीजर 2000 वाट का है और उसे 30 मिनट तक चलाया जाता है। इस दौरान वह लगभग 1 यूनिट बिजली खर्च करेगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार गीजर चलाने पर इतनी ही बिजली लगेगी। वास्तविक खपत इस बात पर निर्भर करेगी कि टैंक में कितना पानी है और उसे कितनी गर्मी तक पहुंचाना है।
आधुनिक गीजर में थर्मोस्टेट और ऑटो कट जैसी सुविधाएं होती हैं। पानी निर्धारित तापमान तक पहुंचने पर हीटिंग अपने आप बंद हो जाती है। टैंक में अच्छी इंसुलेशन होने पर पानी लंबे समय तक गर्म रह सकता है। लेकिन पानी ठंडा होने पर कुछ गीजर दोबारा गर्म करना शुरू कर सकते हैं।
रॉड और गीजर में कौन है ज्यादा किफायती?
दोनों में से कौन कम बिजली खर्च करेगा, इसका फैसला इस्तेमाल के तरीके से होता है। केवल वाट देखकर यह तय करना सही नहीं है कि कोई उपकरण ज्यादा बिजली खाता है।
- एक या दो बाल्टी पानी के लिए: रॉड किफायती विकल्प हो सकती है, खासकर जब थोड़े समय के लिए ही पानी गर्म करना हो।
- परिवार के कई सदस्यों के लिए: गीजर ज्यादा सुविधाजनक है, क्योंकि इसमें एक साथ अधिक पानी गर्म किया जा सकता है।
- बार-बार पानी गर्म करने पर: कुल बिजली खपत इस बात पर निर्भर करेगी कि कितना पानी गर्म किया गया और उपकरण कितनी देर चला।
- सुरक्षा के मामले में: सही तरीके से लगा और अच्छी स्थिति में रखा गीजर आमतौर पर अधिक सुविधाजनक सुरक्षा व्यवस्था देता है। रॉड के इस्तेमाल में लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
बिजली का बिल कम करने के लिए क्या करें?
बिजली बचाने के लिए जरूरत के हिसाब से ही पानी गर्म करें। गीजर को लंबे समय तक अनावश्यक चालू न छोड़ें और तापमान बहुत अधिक न रखें। यदि आपके घर में गीजर लगा है, तो उसकी सर्विसिंग समय पर कराएं और टैंक की इंसुलेशन की स्थिति भी जांचते रहें।
इमर्शन रॉड इस्तेमाल करते समय खराब तार, ढीले प्लग या बिना उचित अर्थिंग वाले सॉकेट से बचें। बिजली चालू रहने के दौरान पानी में हाथ डालना या रॉड को छूना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है।
निष्कर्ष: यदि रोजाना थोड़ी मात्रा में पानी गर्म करना है, तो रॉड कम खर्च वाला विकल्प हो सकती है। वहीं, अधिक पानी और परिवार के कई सदस्यों की जरूरत के लिए गीजर बेहतर सुविधा देता है। सही चुनाव करने के लिए उपकरण की क्षमता के साथ पानी की मात्रा, इस्तेमाल का समय और सुरक्षा को भी ध्यान में रखें।



