
Rajya Sabha Election: भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए दो राज्यों में अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने उत्तराखंड की एक सीट के लिए दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल की सीट के लिए रुक्मिणी मल्लिक को प्रत्याशी बनाया है। दोनों नामों पर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने मुहर लगाई है। राज्यसभा की कुल 12 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 सीटें, उत्तराखंड की एक सीट और पश्चिम बंगाल की एक सीट शामिल है।
16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा की इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। इस चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें उत्तर प्रदेश की हैं। प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। इसके अलावा उत्तराखंड की एक सीट पर भी चुनाव होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में एक सीट के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जिन सीटों पर चुनाव होना है, वहां मौजूदा राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
पश्चिम बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक को मौका
भाजपा ने पश्चिम बंगाल की राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए रुक्मिणी मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर होने वाला चुनाव सामान्य चुनाव से अलग है, क्योंकि यहां एक रिक्त सीट को भरने के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है।
भाजपा के इस फैसले को पश्चिम बंगाल की राजनीति में पार्टी की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राज्य में भाजपा लगातार अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में राज्यसभा के लिए उम्मीदवार का चयन भी पार्टी की व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
उत्तराखंड से दिनेश आर्य पर भाजपा का भरोसा
उत्तराखंड की राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने दिनेश आर्य के नाम पर भरोसा जताया है। उम्मीदवार के नाम को लेकर पिछले कुछ दिनों से पार्टी के भीतर चर्चा चल रही थी। बताया गया था कि प्रदेश से कई नामों पर विचार के बाद केंद्रीय नेतृत्व के पास संभावित दावेदारों के नाम भेजे गए थे।
अब केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से दिनेश आर्य के नाम की घोषणा के बाद उत्तराखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ने की उम्मीद है।
यूपी की 10 सीटों पर सबसे ज्यादा नजर
राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर होने वाला मुकाबला सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य की विधानसभा में अलग-अलग दलों की मौजूदा संख्या के आधार पर राज्यसभा उम्मीदवारों की जीत का गणित तय होगा। इसी वजह से उत्तर प्रदेश में सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों की रणनीति पर नजर बनी हुई है।
राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। ऐसे में पार्टियों के पास मौजूद विधायकों की संख्या उम्मीदवारों की जीत में अहम भूमिका निभाती है। यही वजह है कि चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद से ही उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरणों और संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज है।
उम्मीदवारों के ऐलान के बाद बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
भाजपा की ओर से उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब दूसरे राजनीतिक दलों की नजर भी अपने उम्मीदवारों के चयन पर है। खासकर उत्तर प्रदेश की 10 सीटों को लेकर मुकाबला राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव में संख्या बल के साथ-साथ राजनीतिक रणनीति और विधायकों का समर्थन भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नामों के साथ-साथ समर्थन जुटाने की कोशिशें भी तेज हो सकती हैं। 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले तीनों राज्यों की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।



