Email Security: कहीं आपका ईमेल डेटा लीक तो नहीं हुआ? घर बैठे ऐसे करें चेक

Email Security: Have I Been Pwned वेबसाइट से जानें ईमेल आईडी डेटा ब्रीच में शामिल है या नहीं, लीक मिलने पर अपनाएं ये जरूरी सुरक्षा उपाय

Email Security: आज के डिजिटल दौर में ईमेल अकाउंट केवल संदेश भेजने और पाने का जरिया नहीं रह गया है। बैंकिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग और ऑफिस के कई जरूरी काम इसी से जुड़े होते हैं। इतना ही नहीं, दूसरे अकाउंट का पासवर्ड रीसेट करने के लिए भी ईमेल का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में ईमेल से जुड़ी जानकारी लीक होना आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

कई बार किसी वेबसाइट या ऑनलाइन सर्विस में डेटा ब्रीच होने पर यूजर्स की ईमेल आईडी और दूसरी जानकारियां लीक हो जाती हैं। इसकी जानकारी लोगों को लंबे समय तक नहीं मिलती। अच्छी बात यह है कि एक ऑनलाइन टूल की मदद से आप पता लगा सकते हैं कि आपकी ईमेल आईडी पहले सामने आए किसी डेटा ब्रीच में शामिल रही है या नहीं।

Have I Been Pwned से ऐसे करें ईमेल चेक

अपनी ईमेल आईडी के डेटा लीक में शामिल होने की जांच के लिए Have I Been Pwned वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह वेबसाइट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा ब्रीच रिकॉर्ड के आधार पर बताती है कि कोई ईमेल एड्रेस पहले किसी ज्ञात लीक में सामने आया है या नहीं।

इसके लिए ये स्टेप फॉलो करें:

  1. अपने फोन या लैपटॉप के ब्राउजर में Have I Been Pwned वेबसाइट खोलें।
  2. सर्च बॉक्स में अपनी ईमेल आईडी दर्ज करें।
  3. सर्च विकल्प पर क्लिक करें।
  4. स्क्रीन पर दिखने वाले नतीजे देखें। अगर ईमेल किसी दर्ज डेटा ब्रीच में शामिल है, तो वेबसाइट इसकी जानकारी देगी।

ध्यान रखें कि वेबसाइट पर ईमेल आईडी का मिलना यह साबित नहीं करता कि आपका अकाउंट अभी हैक है या कोई व्यक्ति उसमें लॉग-इन कर रहा है। इसका मतलब है कि आपकी ईमेल आईडी किसी ज्ञात डेटा लीक में सामने आई थी। इसी तरह, कोई नतीजा नहीं मिलने का अर्थ यह नहीं कि अकाउंट पूरी तरह सुरक्षित है या भविष्य में डेटा लीक नहीं हो सकता।

ईमेल डेटा लीक मिले तो तुरंत क्या करें?

अगर जांच में आपकी ईमेल आईडी किसी डेटा ब्रीच में दिखाई देती है, तो घबराने के बजाय अकाउंट की सुरक्षा मजबूत करें। सबसे पहले ईमेल अकाउंट का पासवर्ड बदलें, खासकर तब जब वही पासवर्ड किसी दूसरी वेबसाइट या ऐप पर भी इस्तेमाल किया गया हो।

नया पासवर्ड लंबा और अनुमान लगाना मुश्किल होना चाहिए। हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखना बेहतर है। इसके अलावा, ईमेल सेवा में उपलब्ध टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को सक्रिय करें। इससे पासवर्ड पता होने की स्थिति में भी दूसरे वेरिफिकेशन के बिना अकाउंट में लॉग-इन करना मुश्किल हो जाता है।

अपने अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग में जाकर लॉग-इन गतिविधि और कनेक्टेड डिवाइस भी जांचें। कोई अनजान डिवाइस या संदिग्ध थर्ड-पार्टी ऐप दिखाई दे, तो उसे हटाएं और जरूरत पड़ने पर सभी डिवाइस से साइन आउट करें।

फिशिंग ईमेल और फर्जी कॉल से रहें सावधान

डेटा लीक होने के बाद साइबर ठग आपकी ईमेल आईडी या दूसरी उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल करके फिशिंग संदेश भेज सकते हैं। ऐसे ईमेल में बैंक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या किसी ऑनलाइन सर्विस का अधिकारी बनकर आपसे पासवर्ड, OTP या दूसरी गोपनीय जानकारी मांगी जा सकती है।

इसलिए अनजान ईमेल में आए लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी संदेश में अकाउंट बंद होने, KYC अपडेट करने या संदिग्ध गतिविधि का दावा किया गया हो, तो संबंधित सेवा की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप खोलकर ही जानकारी की पुष्टि करें। OTP, पासवर्ड, कार्ड नंबर और CVV किसी के साथ साझा न करें।

ईमेल अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

ईमेल अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां नियमित रूप से अपनाना जरूरी है:

  • अलग-अलग पासवर्ड रखें: एक ही पासवर्ड कई वेबसाइटों और ऐप्स पर इस्तेमाल न करें।
  • 2FA चालू करें: उपलब्ध होने पर ऑथेंटिकेटर ऐप, सिक्योरिटी की या अन्य सुरक्षित वेरिफिकेशन विकल्प का इस्तेमाल करें।
  • लॉग-इन गतिविधि जांचें: समय-समय पर अकाउंट में इस्तेमाल हुए डिवाइस और हाल की गतिविधियां देखें।
  • संदिग्ध लिंक से बचें: अनजान ईमेल और मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें।
  • रिकवरी जानकारी अपडेट रखें: अपना रिकवरी मोबाइल नंबर और दूसरा ईमेल एड्रेस सही रखें।
  • पासवर्ड मैनेजर इस्तेमाल करें: मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड बनाने तथा सुरक्षित रखने के लिए भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर की मदद लें।

डेटा लीक और अकाउंट हैक होने में समझें अंतर

डेटा लीक और ईमेल अकाउंट हैक होना एक जैसी स्थिति नहीं है। डेटा लीक में आपकी ईमेल आईडी या उससे जुड़ी कुछ जानकारियां किसी वेबसाइट या सर्विस के डेटाबेस से बाहर आ सकती हैं। वहीं, अकाउंट हैक होने का मतलब है कि किसी दूसरे व्यक्ति ने आपके ईमेल अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर ली है।

इसलिए केवल डेटा ब्रीच चेक करने से अकाउंट की पूरी सुरक्षा की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए लॉग-इन हिस्ट्री, सुरक्षा अलर्ट, रिकवरी सेटिंग और कनेक्टेड डिवाइस की भी जांच करनी चाहिए।

ईमेल अकाउंट आज हमारी डिजिटल पहचान का अहम हिस्सा है। समय-समय पर डेटा ब्रीच की जांच करना और सुरक्षा से जुड़ी सावधानियां अपनाना ऑनलाइन धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

written by Siddhi Srivastava

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