
Pratapgarh News-अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम तथा मौलिक अधिकारों की मांग को लेकर प्रदेश व्यापी आह्वान पर बुधवार को वकीलों ने न्यायिक कामकाज से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया। इसके चलते सिविल न्यायालय तथा तहसील में न्यायिक कामकाज ठप दिखा। संयुक्त अधिवक्ता संघ की हुई आम सभा के बाद वकीलों ने सिविल कोर्ट परिसर में अध्यक्ष राजेशचन्द्र तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अबरार अहमद की अगुवाई में नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन भी किया। कानपुर में हाल ही में हुए प्रान्तीय सम्मेलन में लिये गये निर्णय के तहत वकीलों ने हड़ताल के मुद्दे पर प्रतिबंध को अलोकतांत्रिक करार दिया।
आल इण्डिया रूरल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने आमसभा में कहा कि वकीलों के मौलिक अधिकार से छेड़छाड़ के पहले संसद और विधानसभाओं में बहिष्कार पर प्रतिबंध लगाने का विचार क्यों नहीं। इसके बाद अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव रखा। संचालन उपाध्यक्ष नामवर सिंह ने किया। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश, पवन पाण्डेय, संतोष पाण्डेय, संजय ओझा, विभूति शुक्ल, विपिन शुक्ल, धीरेन्द्र मिश्र, करूणाशंकर मिश्र, सिंटू मिश्र, संतोष तिवारी आदि अधिवक्ता रहे।
रिपोर्ट-उमेश पाण्डेय जिला संवाद दाता यूनाईटेड भारत



