Pratapgarh News-चुनाव आयुक्तों का असहमति पर खुलासा लोकतंत्र के लिए गम्भीर चुनौती-प्रमोद तिवारी

Pratapgarh News: Election Commissioners' disclosure regarding dissent poses a serious challenge to democracy – Pramod Tiwari.

Pratapgarh News-राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के तहत फार्म-6 के प्रारूप में बदलाव तथा नये मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में मुख्य चुनाव आयुक्त के फैंसलों के विवादास्पद होने के ताजा घटनाक्रम को गम्भीर एवं चिन्ताजनक कहा है। उन्होंने कहा कि इन अहम बिन्दुओं पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ दस माह में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा चौदह बार असहमति को लेकर पत्राचार का खुलासा फौरन किया जाना चाहिए। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों सुखवीर सिंह सिंधू व विवेक जोशी का असहमति दर्ज कराने का खुलासा लोकतंत्र की पवित्रता तथा चुनावी निष्पक्षता पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका वोट चोरी के मुद्दे पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले हरियाणा में वोट चोरी का सबूत पेश किया।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के मुताबिक महाराष्ट्र फिर बंगाल और असम में भाजपा की चुनावी जीत की वोट चोरी पकड़ी गयी। सांसद प्रमोद तिवारी ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की स्वच्छंद व एकतरफा भूमिका के चलते इन चुनावों में उनके द्वारा भाजपा को सीधे मदद पहुंचायी गयी। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा प्रत्याशियों को जीत दिलाने में लगभग बारह करोड़ से अधिक मतदाताओं के मताधिकार पर प्रश्न चिन्ह लगा है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर लोकतंत्र एवं संविधान की हत्या है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र की वेशभूषा में तानाशाही के चलते भारत देश की तस्वीर दुनिया में खुराब हुयी है। उन्होंने कहा कि एक बनाम दो के बहुमत से यह साफ हो गया है कि इन निर्णयों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा असंवैधानिक ढंग से भाजपा की मदद की गयी।

उन्होंने दावा किया कि यही कारण रहा कि इन राज्यों में चुनाव परिणाम बदल गये। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस खुलासे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत करके सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में फौरन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नैतिकता का तकाजा है कि दो चुनाव आयुक्तों के द्वारा चौदह बार असहमति को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को स्वयं अपने पद से तत्काल त्याग पत्र दे देना चाहिए। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा चंदा चोरी के बाद वोट चोरी का ताजा घटनाचक्र संविधान और लोकतंत्र के मर्यादा तथा मूल्यों की खुली हत्या है। उन्होंने कहा कि सरकार इस अहम मुद्दे पर देश के सामने सच्चाई सामने लाने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाये।

उन्होंने कहा कि वह संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठायेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष संसद में उन्हें बुलवाकर जवाबदेही तय करने पर जोर देगा। सांसद प्रमोद तिवारी का बयान बुधवार को यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।

रिपोर्ट-उमेश पाण्डेय जिला संवाद दाता यूनाईटेड भारत

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