
New York News- संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में भारत की कूटनीतिक सक्रियता अपने चरम पर है। इसी कड़ी में न्यूयॉर्क में दो अत्यंत महत्वपूर्ण बहुपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारतीय पक्ष का नेतृत्व करते हुए देश के रणनीतिक हितों और वैश्विक सुधारों के एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाया।
इस दौरान भारत-फ्रांस-यूएई त्रिपक्षीय मंत्री-स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर किया, जबकि फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई वहां के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरोट, यूएई का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने किया। तीनों देशों के मंत्रियों ने आपसी हित के पहले से सहमत क्षेत्रों में त्रिपक्षीय सहयोग के तहत हुई प्रगति की गहन समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा मंत्रियों ने आपसी हित के सहमत क्षेत्रों में त्रिपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की, जिसमें अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संस्कृति व विरासत जैसे क्षेत्र शामिल हैं। तीनों मंत्रियों ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने आपसी हित के क्षेत्रों में त्रिपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने और उसका विस्तार करने तथा तीनों देशों के बीच मौजूद मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया। भारत, फ्रांस और यूएई ने ठोस पहलों के माध्यम से तीनों देशों के बीच रचनात्मक संबंध बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
त्रिपक्षीय वार्ता के अलावा, डॉ. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में ब्राजील, जर्मनी और जापान के अपने जी4 समकक्षों के साथ भी एक बेहद अहम बैठक में भाग लिया। चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने वैश्विक मंचों पर सुधारे गए बहुपक्षवाद की पुरजोर वकालत की। नेताओं ने समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को अधिक प्रतिनिधि, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. जयशंकर ने बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा न्यूयॉर्क में यूएनजीए81 के दौरान ब्राजील, जर्मनी और जापान के अपने जी4 समकक्षों के साथ शामिल हुआ। सुधारे गए बहुपक्षवाद और एक अधिक प्रतिनिधि, उत्तरदायी और प्रभावी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आवश्यकता पर चर्चा की, जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाती हो। इस साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
ये बैठकें अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की धमक, उसके मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक संस्थाओं में ऐतिहासिक सुधार लाने की उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति को बखूबी प्रदर्शित करती हैं।
Read Also-Election Commission of India: SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की सफाई, कहा- अलग राय का मतलब टकराव नहीं; सभी बड़े फैसले सर्वसम्मति से हुए
रिपोर्ट- शाश्वत तिवारी



