
International News: तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया। हजारों प्रवासी भारतीयों की मौजूदगी में उन्होंने भारत की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए “Grow More, Achieve More” का मंत्र दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत केवल उपलब्धियों का जश्न मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर सफलता के बाद उससे भी बड़ा लक्ष्य तय करता है। उन्होंने कहा कि यही सोच भारत को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
‘भारत का लक्ष्य सिर्फ विकास नहीं, नई ऊंचाइयों तक पहुंचना’
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। लेकिन देश का लक्ष्य यहीं रुकना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की 140 करोड़ आबादी की आकांक्षाएं ही भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं और यही ऊर्जा नए भारत के निर्माण को गति दे रही है।
अंतरिक्ष में बढ़ रहा भारत का कदम
प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला पहला देश बनाया। इसके बाद भी भारत नहीं रुका और अब गगनयान मिशन के जरिए मानव को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भारत अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन विकसित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
5G नेटवर्क पर भी गिनाईं उपलब्धियां
पीएम मोदी ने डिजिटल इंडिया की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ साल पहले तक देश में 5G को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने बताया कि 2022 में 5G सेवाओं की शुरुआत के बाद अब देश के लगभग 99 प्रतिशत जिलों तक यह सुविधा पहुंच चुकी है। उन्होंने इसे दुनिया के सबसे तेज 5G विस्तार अभियानों में से एक बताया।
प्रवासी भारतीयों से भावनात्मक जुड़ाव
मेलबर्न में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान पूरा सभागार उत्साह से भर गया। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत की वैश्विक पहचान का मजबूत प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रहकर भी भारतीय अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़े हुए हैं।
नए भारत का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आज का भारत बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने का भी साहस रखता है। उनका कहना था कि देश की सोच अब “Grow More, Achieve More” की है, यानी लगातार आगे बढ़ना और हर उपलब्धि के बाद नया लक्ष्य तय करना। इसी सोच के साथ भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक मंच पर और मजबूत भूमिका निभाने के लिए तैयार है।



