जनता झेल रही भीषण गर्मी संग बिजली कटौती दोहरी मार

People are facing double whammy of scorching heat and power cuts

शहर से लेकर गांव तक इन दिनों लोग भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिन में आसमान से बरस रही आग जैसी धूप लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर रही है, तो वहीं शाम ढलते ही उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि तापमान में हल्की गिरावट आने के बावजूद लोगों को राहत महसूस नहीं हो रही। बिजली की आंख-मिचौली ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। दिनभर गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरा ढककर निकल रहे हैं। बाजारों में भी दोपहर के समय भीड़ कम दिखाई दे रही है। दूसरी ओर रात में बिजली कटौती ने लोगों की नींद तक छीन ली है। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से लोग छतों और घरों के बाहर बैठकर रात काटने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि दिन में सूरज की तपिश से शरीर झुलस रहा है, जबकि रात में बिजली न रहने से पंखे और कूलर बंद हो जाते हैं। उमस इतनी ज्यादा है कि पूरे शरीर से लगातार पसीना निकलता रहता है। चिपचिपाहट और बेचैनी के कारण लोगों को आराम तक नहीं मिल पा रहा। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है।
ग्रामीण एरिया में हालात बद से बदतर है
घोघापुर कि रहने वाली नीशा मिश्रा ने बताया कि गांवं में हालात और भी चिंताजनक बने हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई-कई घंटे बिजली आपूर्ति ठप रहने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। बिजली न होने के कारण मोटर नहीं चल पा रहे हैं, जिससे पानी की समस्या खड़ी हो गई है। किसान भी परेशान हैं क्योंकि खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। रात में बिजली आने की उम्मीद में किसान जागते रहते हैं ताकि मोटर चला सकें। शहर के कई मोहल्लों में भी लोग बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताने लगे हैं। लगातार कटौती से परेशान नागरिकों ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और धरना तक दिया। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे। घंटों बिजली गुल रहने के बावजूद विभाग की ओर से सही जानकारी नहीं दी जाती।
पॉश एरिया में भी है बिजली की समस्या
सिविल लाइंस के रहने वाले रिषभ ने बताया कि जब विभाग यह दावा कर रहा है कि पूरी ताकत और मैनपावर के साथ बिजली व्यवस्था को सुचारु रखने का काम किया जा रहा है, तब आखिर इतनी लंबी कटौती क्यों हो रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि ट्रिपिंग और फॉल्ट के नाम पर रोजाना घंटों बिजली बंद कर दी जाती है। इससे घरों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि बिजली न रहने से कारोबार पर असर पड़ रहा है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे हैं। डॉक्टरोंं के अनुसार लगातार गर्मी और उमस से लोगों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं।
बढ़ी गर्मी के चलते अचानक से बढ़ी डिमांड
उधर बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। कई जगहों पर ओवरलोडिंग के कारण फॉल्ट की समस्या सामने आ रही है। विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं और जल्द स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि आम जनता इन दावों से संतुष्ट नजर नहीं आ रही। लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में यही समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया। भीषण गर्मी और बिजली संकट ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगाड़ दी है। ऐसे में अब सभी की निगाहें प्रशासन और बिजली विभाग पर टिकी हैं कि आखिर कब लोगों को इस परेशानी से राहत मिलेगी।

रिपोर्ट : आकाश त्रिपाठी

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